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Q: Who has painted Indian Themes in Western style? भारतीय विषयों को पाश्चात्य शैली में किसने चित्रित किया है?
  • A. Badrinath Arya/बद्रीनाथ आर्य
  • B. K.S. Kulkarni/के.एस. कुलकर्णी
  • C. Amrita Shergil/अमृता शेरगिल
  • D. Sukhvir Singhal/सुखवीर सिंहल
Correct Answer: Option C - भारतीय विषयों को पाश्चात्य शैली में अमृता शेरगिल ने चित्रित किया है। 1924 से 1929 ई. आपने भारत प्रवास के मध्य रेखांकन तथा जल रंग चित्रण किया जिनमें यूरोपीय प्रभाव था। अमृता शेरगिल का जन्म-30 जनवरी 1913 ई. में बुडापेस्ट हंगरी में हुआ था। यूरोप भ्रमण के दौरान अमृता शेर गिल गोंगा की‘ताहिती कला से सर्वाधिक प्रभावित थी। 1934 ई. में भारत लौटने पर इन्होंने शिमला के समीप ही समर हिल पर छोटा स्टूडियो बना लिया था। अमृता को लाल रंग विशेष प्रिय था। • बद्रीनाथ आर्य ‘साँवरी’ तथा ‘पी-कहा’ नामक प्रसिद्ध चित्र बनाये। इनका साँवरी चित्र इलाहाबाद सग्रहालय में है। • के.एस. कुलकर्णी ‘त्रिवेणी कला संगम’ की स्थापना की तथा ‘दिल्ली शिल्पी चक्र’ के संस्थापक सदस्य रहे।
C. भारतीय विषयों को पाश्चात्य शैली में अमृता शेरगिल ने चित्रित किया है। 1924 से 1929 ई. आपने भारत प्रवास के मध्य रेखांकन तथा जल रंग चित्रण किया जिनमें यूरोपीय प्रभाव था। अमृता शेरगिल का जन्म-30 जनवरी 1913 ई. में बुडापेस्ट हंगरी में हुआ था। यूरोप भ्रमण के दौरान अमृता शेर गिल गोंगा की‘ताहिती कला से सर्वाधिक प्रभावित थी। 1934 ई. में भारत लौटने पर इन्होंने शिमला के समीप ही समर हिल पर छोटा स्टूडियो बना लिया था। अमृता को लाल रंग विशेष प्रिय था। • बद्रीनाथ आर्य ‘साँवरी’ तथा ‘पी-कहा’ नामक प्रसिद्ध चित्र बनाये। इनका साँवरी चित्र इलाहाबाद सग्रहालय में है। • के.एस. कुलकर्णी ‘त्रिवेणी कला संगम’ की स्थापना की तथा ‘दिल्ली शिल्पी चक्र’ के संस्थापक सदस्य रहे।

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भारतीय विषयों को पाश्चात्य शैली में अमृता शेरगिल ने चित्रित किया है। 1924 से 1929 ई. आपने भारत प्रवास के मध्य रेखांकन तथा जल रंग चित्रण किया जिनमें यूरोपीय प्रभाव था। अमृता शेरगिल का जन्म-30 जनवरी 1913 ई. में बुडापेस्ट हंगरी में हुआ था। यूरोप भ्रमण के दौरान अमृता शेर गिल गोंगा की‘ताहिती कला से सर्वाधिक प्रभावित थी। 1934 ई. में भारत लौटने पर इन्होंने शिमला के समीप ही समर हिल पर छोटा स्टूडियो बना लिया था। अमृता को लाल रंग विशेष प्रिय था। • बद्रीनाथ आर्य ‘साँवरी’ तथा ‘पी-कहा’ नामक प्रसिद्ध चित्र बनाये। इनका साँवरी चित्र इलाहाबाद सग्रहालय में है। • के.एस. कुलकर्णी ‘त्रिवेणी कला संगम’ की स्थापना की तथा ‘दिल्ली शिल्पी चक्र’ के संस्थापक सदस्य रहे।