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Q: बल की परिभाषा को किसके आधार पर व्याख्यायित किया जा सकता है?
  • A. न्यूटन के गति का दूसरा नियम
  • B. न्यूटन के गति का पहला नियम
  • C. न्यूटन के गति का तीसरा नियम
  • D. न्यूटन का गुरूत्वाकर्षण का नियम
Correct Answer: Option B - कोई वस्तु विराम की अवस्था में है, तो वह विराम की अवस्था में ही रहेगी और यदि वह एक समान गति से किसी सीधी रेखा में चल रही है, तो वैसे ही चलती रहेगी जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल लगाकर उसकी अवस्था में परिवर्तन न किया जाए। अर्थात सभी वस्तुएँ अपनी प्रारंभिक अवस्था को बनाये रखना चाहती है। इसीलिए न्यूटन के प्रथम नियम को ‘जड़त्व का नियम’ भी कहा जाता है। बल वह वाह्य कारक है, जिसके द्वारा किसी वस्तु की विराम अथवा गति की अवस्था में परिवर्तन किया जाता है। अत: न्यूटन की गति का प्रथम नियम बल की परिभाषा (definition of force) देता है।
B. कोई वस्तु विराम की अवस्था में है, तो वह विराम की अवस्था में ही रहेगी और यदि वह एक समान गति से किसी सीधी रेखा में चल रही है, तो वैसे ही चलती रहेगी जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल लगाकर उसकी अवस्था में परिवर्तन न किया जाए। अर्थात सभी वस्तुएँ अपनी प्रारंभिक अवस्था को बनाये रखना चाहती है। इसीलिए न्यूटन के प्रथम नियम को ‘जड़त्व का नियम’ भी कहा जाता है। बल वह वाह्य कारक है, जिसके द्वारा किसी वस्तु की विराम अथवा गति की अवस्था में परिवर्तन किया जाता है। अत: न्यूटन की गति का प्रथम नियम बल की परिभाषा (definition of force) देता है।

Explanations:

कोई वस्तु विराम की अवस्था में है, तो वह विराम की अवस्था में ही रहेगी और यदि वह एक समान गति से किसी सीधी रेखा में चल रही है, तो वैसे ही चलती रहेगी जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल लगाकर उसकी अवस्था में परिवर्तन न किया जाए। अर्थात सभी वस्तुएँ अपनी प्रारंभिक अवस्था को बनाये रखना चाहती है। इसीलिए न्यूटन के प्रथम नियम को ‘जड़त्व का नियम’ भी कहा जाता है। बल वह वाह्य कारक है, जिसके द्वारा किसी वस्तु की विराम अथवा गति की अवस्था में परिवर्तन किया जाता है। अत: न्यूटन की गति का प्रथम नियम बल की परिभाषा (definition of force) देता है।