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Q: पोंगल त्यौहार तमिलनाडु में चार दिनों तक मनाया जाता है। पोंगल का चौथा दिन क्या कहलाता है?
  • A. थाई पोंगल
  • B. कानुम पोंगल
  • C. मट्टू पोंगल
  • D. भोगी पोंगल
Correct Answer: Option B - पोंगल भारत के तमिलनाडु राज्य में चार दिनों तक चलने वाला फसल कटाई उत्सव है। पोंगल त्यौहार, भोगी पोंगल के दिन से शुरू होता है। इसी दिन ‘बोगी पांडिगई’ भी मनाया जाता है। यह उत्तर भारत के लोहड़ी नामक फसल त्यौहार की तरह है। इसका दूसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है जिसे थाई पोंगल/सूर्य पोंगल कहा जाता है। यह उत्तर भारत में मनाये जाने वाले मकर संक्रांति उत्सव की तरह है। इसके तीसरे और चौथे दिन क्रमश: मट्टू पोंगल और कानुम (कन्या) पोंगल का स्थान आता है।
B. पोंगल भारत के तमिलनाडु राज्य में चार दिनों तक चलने वाला फसल कटाई उत्सव है। पोंगल त्यौहार, भोगी पोंगल के दिन से शुरू होता है। इसी दिन ‘बोगी पांडिगई’ भी मनाया जाता है। यह उत्तर भारत के लोहड़ी नामक फसल त्यौहार की तरह है। इसका दूसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है जिसे थाई पोंगल/सूर्य पोंगल कहा जाता है। यह उत्तर भारत में मनाये जाने वाले मकर संक्रांति उत्सव की तरह है। इसके तीसरे और चौथे दिन क्रमश: मट्टू पोंगल और कानुम (कन्या) पोंगल का स्थान आता है।

Explanations:

पोंगल भारत के तमिलनाडु राज्य में चार दिनों तक चलने वाला फसल कटाई उत्सव है। पोंगल त्यौहार, भोगी पोंगल के दिन से शुरू होता है। इसी दिन ‘बोगी पांडिगई’ भी मनाया जाता है। यह उत्तर भारत के लोहड़ी नामक फसल त्यौहार की तरह है। इसका दूसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है जिसे थाई पोंगल/सूर्य पोंगल कहा जाता है। यह उत्तर भारत में मनाये जाने वाले मकर संक्रांति उत्सव की तरह है। इसके तीसरे और चौथे दिन क्रमश: मट्टू पोंगल और कानुम (कन्या) पोंगल का स्थान आता है।