Correct Answer:
Option C - मनुष्य के शरीर में ऊर्जा के सर्वप्रमुख स्रोत कार्बोहाइड्रेट्स की रासायनिक दृष्टि से तीन श्रेणियाँ होती हैं─(1) मोनोसैकराइड्स जिसके अन्तर्गत ग्लूकोज, फ्रक्टोज एवं गैलेक्टोज जैसी पंच कार्बनीय शर्करायें आती हैं, (2) डाइसैकराइड्स जिसके अंतर्गत जल में घुलनशील तीन शर्करायें माल्टोज, सुक्रोज एवं लैक्टोज सम्मिलित हैं। (3) पालीसैकराइड्स, इस अघुलनशील एवं जटिल तत्व का निर्माण मोनोसैकैराइड्स के अनेक अणुओं के जुड़ने से बनने वाली लम्बी शृंंखला से होता है। इसके अंतर्गत यकृत से संचित ग्लाइकोजन, आलू एवं अनाजों में पायी जाने वाली स्टार्च एवं सेलूलोज आदि आती हैं। स्टार्च तथा सेलूलोज दोनों वनस्पतियों से प्राप्त होने वाले कार्बनिक बहुलक हैं जो ग्लूकोज के अणुओं से निर्मित होते हैं। कार्बोहाइड्रेट का परीक्षण आयोडीन की सहायता से करने पर स्टार्च का रंग नीला या काला हो जाता है, जबकि सेलूलोज आयोडीन के साथ किसी भी प्रकार का रंग नहीं बनाता।
C. मनुष्य के शरीर में ऊर्जा के सर्वप्रमुख स्रोत कार्बोहाइड्रेट्स की रासायनिक दृष्टि से तीन श्रेणियाँ होती हैं─(1) मोनोसैकराइड्स जिसके अन्तर्गत ग्लूकोज, फ्रक्टोज एवं गैलेक्टोज जैसी पंच कार्बनीय शर्करायें आती हैं, (2) डाइसैकराइड्स जिसके अंतर्गत जल में घुलनशील तीन शर्करायें माल्टोज, सुक्रोज एवं लैक्टोज सम्मिलित हैं। (3) पालीसैकराइड्स, इस अघुलनशील एवं जटिल तत्व का निर्माण मोनोसैकैराइड्स के अनेक अणुओं के जुड़ने से बनने वाली लम्बी शृंंखला से होता है। इसके अंतर्गत यकृत से संचित ग्लाइकोजन, आलू एवं अनाजों में पायी जाने वाली स्टार्च एवं सेलूलोज आदि आती हैं। स्टार्च तथा सेलूलोज दोनों वनस्पतियों से प्राप्त होने वाले कार्बनिक बहुलक हैं जो ग्लूकोज के अणुओं से निर्मित होते हैं। कार्बोहाइड्रेट का परीक्षण आयोडीन की सहायता से करने पर स्टार्च का रंग नीला या काला हो जाता है, जबकि सेलूलोज आयोडीन के साथ किसी भी प्रकार का रंग नहीं बनाता।