Correct Answer:
Option D - यौवन काल की अवधि 11 से 16 वर्ष तक मानी जाती है। यौवनारम्भ (Puberty), शारीरिक परिवर्तन की उस प्रक्रिया को कहते हैं जिनके द्वारा कालक्रम में बालक; बच्चे से बढ़कर प्रजनन में ‘समर्थ’ जवान बन जाता है। इसकी शुरुआत हार्मोनों के बनने से होती है। इस अवस्था में वयस्क ऊचाँई और यौन परिपक्वता की पूर्व प्राप्ति की ओर रूझान करता है, शरीर अधिक मजबूत, माँसपेशीयुक्त सुडौल, अधिक शक्तिशाली होने लगता है, कन्धे अधिक चौड़े हो जाते है तथा वृद्धि के कारण लम्बाई बढ़ने लगती है और शरीर पर बाल, चेहरे पर मूँछ और बाद में दाढ़ी के बाल भी निकलने लगते हैं।
D. यौवन काल की अवधि 11 से 16 वर्ष तक मानी जाती है। यौवनारम्भ (Puberty), शारीरिक परिवर्तन की उस प्रक्रिया को कहते हैं जिनके द्वारा कालक्रम में बालक; बच्चे से बढ़कर प्रजनन में ‘समर्थ’ जवान बन जाता है। इसकी शुरुआत हार्मोनों के बनने से होती है। इस अवस्था में वयस्क ऊचाँई और यौन परिपक्वता की पूर्व प्राप्ति की ओर रूझान करता है, शरीर अधिक मजबूत, माँसपेशीयुक्त सुडौल, अधिक शक्तिशाली होने लगता है, कन्धे अधिक चौड़े हो जाते है तथा वृद्धि के कारण लम्बाई बढ़ने लगती है और शरीर पर बाल, चेहरे पर मूँछ और बाद में दाढ़ी के बाल भी निकलने लगते हैं।