Correct Answer:
Option B - व्याख्या ‘स्त्री-विमर्श पर आधारित ‘औरत की बोली’ कृति की रचनाकार ‘गीताश्री’ है। हिन्दी में वर्जित विषय पर यह पुस्तक देश-विदेश में फैले देह व्यापार का एक विहंगम सर्वेक्षण है। इनकी अन्य रचनाएं है- सपनों की मंडी, प्रार्थना के बाहर।
B. व्याख्या ‘स्त्री-विमर्श पर आधारित ‘औरत की बोली’ कृति की रचनाकार ‘गीताश्री’ है। हिन्दी में वर्जित विषय पर यह पुस्तक देश-विदेश में फैले देह व्यापार का एक विहंगम सर्वेक्षण है। इनकी अन्य रचनाएं है- सपनों की मंडी, प्रार्थना के बाहर।