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Q: संस्कृत में कथा (कहानी) शिक्षण का उद्देश्य नहीं है
  • A. छात्रों की कल्पना शक्ति का विकास करना।
  • B. छात्रों को संस्कृत ध्वनि-विज्ञान् से परिचित कराना।
  • C. छात्रों की तर्कशक्ति को बिकासित करना।
  • D. छात्रों का उत्तम चरित्र-निर्माण करना।
Correct Answer: Option B - संस्कृत शिक्षण की एक विधि कहानी शिक्षण भी है। जो यह उद्देश्यित करती है कि कहानी शिक्षण से बच्चों में (छात्रों में) कल्पना शक्ति का विकास करना प्रमुख उद्देश्य हो जाता है। इसी तरह, छात्रों की तर्कशक्ति को विकसित करना, छात्रों का उत्तम चरित्र-निर्माण करना आदि भी सम्मिलित हो जाते हैं। अत: यहाँ पर ‘‘छात्रों को संस्कृत ध्वनि विज्ञान से परिचित कराना कहानी शिक्षण का उद्देश्य कदापि नहीं हो सकता। यह उद्देश्य सामान्यत: ध्वनि विज्ञान को संक्षिप्त करता है।
B. संस्कृत शिक्षण की एक विधि कहानी शिक्षण भी है। जो यह उद्देश्यित करती है कि कहानी शिक्षण से बच्चों में (छात्रों में) कल्पना शक्ति का विकास करना प्रमुख उद्देश्य हो जाता है। इसी तरह, छात्रों की तर्कशक्ति को विकसित करना, छात्रों का उत्तम चरित्र-निर्माण करना आदि भी सम्मिलित हो जाते हैं। अत: यहाँ पर ‘‘छात्रों को संस्कृत ध्वनि विज्ञान से परिचित कराना कहानी शिक्षण का उद्देश्य कदापि नहीं हो सकता। यह उद्देश्य सामान्यत: ध्वनि विज्ञान को संक्षिप्त करता है।

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संस्कृत शिक्षण की एक विधि कहानी शिक्षण भी है। जो यह उद्देश्यित करती है कि कहानी शिक्षण से बच्चों में (छात्रों में) कल्पना शक्ति का विकास करना प्रमुख उद्देश्य हो जाता है। इसी तरह, छात्रों की तर्कशक्ति को विकसित करना, छात्रों का उत्तम चरित्र-निर्माण करना आदि भी सम्मिलित हो जाते हैं। अत: यहाँ पर ‘‘छात्रों को संस्कृत ध्वनि विज्ञान से परिचित कराना कहानी शिक्षण का उद्देश्य कदापि नहीं हो सकता। यह उद्देश्य सामान्यत: ध्वनि विज्ञान को संक्षिप्त करता है।