Correct Answer:
Option B - ‘सूर-सूर तुलसी शशि उड्गन केशवदास,
और कवि खद्योत सम जँह-तँह करत प्रकास।’
पंक्ति में ‘यमक अलंकार’ है। जब कोई शब्द एक से अधिक बार आए और प्रत्येक बार उसका अर्थ अलग-अलग हो तो यमक अलंकार होता है। यहाँ ‘सूर’ शब्द दो बार आया है, जिसका एक अर्थ ’सूर्य’ एवं दूसरा ‘सूरदास’ है। अत: यहाँ यमक अलंकार है, जबकि अनुप्रास में वर्णों की आवृत्ति होती है और उत्पे्रक्षा में उपमेय में उपमान की कल्पना की जाती है तथा विरोध न होते हुए भी उसका आभास होना विरोधाभास अलंकार है।
B. ‘सूर-सूर तुलसी शशि उड्गन केशवदास,
और कवि खद्योत सम जँह-तँह करत प्रकास।’
पंक्ति में ‘यमक अलंकार’ है। जब कोई शब्द एक से अधिक बार आए और प्रत्येक बार उसका अर्थ अलग-अलग हो तो यमक अलंकार होता है। यहाँ ‘सूर’ शब्द दो बार आया है, जिसका एक अर्थ ’सूर्य’ एवं दूसरा ‘सूरदास’ है। अत: यहाँ यमक अलंकार है, जबकि अनुप्रास में वर्णों की आवृत्ति होती है और उत्पे्रक्षा में उपमेय में उपमान की कल्पना की जाती है तथा विरोध न होते हुए भी उसका आभास होना विरोधाभास अलंकार है।