Correct Answer:
Option B - दिये गये प्रश्न में स्कंदगुप्त के आमुख के अनुसार निम्न में से असत्य कथन है-
‘‘महाराजा चन्द्रगुप्त के समय में सिंहल के राजा मेघवर्ण ने उपहार भेजकर बोधगया में विहार बनाने की प्रार्थना की थी।’’ जबकि अन्य सभी कथन सत्य हैं।
स्कन्दगुप्त जयशंकर प्रसाद द्वारा सन् 1928 ई. में रचित नाटक है। इस नाटक में कुमारगुप्त के विलासी साम्राज्य की उस स्थिति का चित्रण हुआ है जहाँ आन्तरिक कलह, संघर्ष और विदेशी आक्रमण के फलस्वरूप उसके भावी क्षय के लक्षण प्रकट होने लगे थे।
जयशंकर प्रसाद एक ऐतिहासिक नाटककार के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनका प्रथम नाटक सन् 1910 ई. में प्रकाशित ‘सज्जन’ को माना गया है।
जयशंकर प्रसाद के प्रमुख नाटक - सज्जन (1910 ), करुणालय (1912), प्रायश्चित (1913), राजश्री (1915), विशााख (1921), अजातशत्रु (1922), कामना (1927), स्कन्दगुप्त (1928), चन्द्रगुप्त (1931), ध्रुवस्वामिनी (1933)।
B. दिये गये प्रश्न में स्कंदगुप्त के आमुख के अनुसार निम्न में से असत्य कथन है-
‘‘महाराजा चन्द्रगुप्त के समय में सिंहल के राजा मेघवर्ण ने उपहार भेजकर बोधगया में विहार बनाने की प्रार्थना की थी।’’ जबकि अन्य सभी कथन सत्य हैं।
स्कन्दगुप्त जयशंकर प्रसाद द्वारा सन् 1928 ई. में रचित नाटक है। इस नाटक में कुमारगुप्त के विलासी साम्राज्य की उस स्थिति का चित्रण हुआ है जहाँ आन्तरिक कलह, संघर्ष और विदेशी आक्रमण के फलस्वरूप उसके भावी क्षय के लक्षण प्रकट होने लगे थे।
जयशंकर प्रसाद एक ऐतिहासिक नाटककार के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनका प्रथम नाटक सन् 1910 ई. में प्रकाशित ‘सज्जन’ को माना गया है।
जयशंकर प्रसाद के प्रमुख नाटक - सज्जन (1910 ), करुणालय (1912), प्रायश्चित (1913), राजश्री (1915), विशााख (1921), अजातशत्रु (1922), कामना (1927), स्कन्दगुप्त (1928), चन्द्रगुप्त (1931), ध्रुवस्वामिनी (1933)।