Correct Answer:
Option C - रेल पथ में ढलवा लोहे के स्लीपर के लिए मोटी कणदार बालू प्रयोग की जाती है यह सस्ती पड़ती है और इसका जल निकास अच्छा होता है। बालू के प्रयोग से रेल पथ का शोर कम हो जाता है। यह ढलवाँ लोहे के पाट प्रकार के स्लीपरो के भीतर भरने में आसानी रहती है परन्तु गाड़ी निकलते समय तथा तेज वायु के कारण यह उड़कर ट्रैक पर आ जाती है तथा रेल व पहियों के बीच निघर्षण का कारण बनती है।
C. रेल पथ में ढलवा लोहे के स्लीपर के लिए मोटी कणदार बालू प्रयोग की जाती है यह सस्ती पड़ती है और इसका जल निकास अच्छा होता है। बालू के प्रयोग से रेल पथ का शोर कम हो जाता है। यह ढलवाँ लोहे के पाट प्रकार के स्लीपरो के भीतर भरने में आसानी रहती है परन्तु गाड़ी निकलते समय तथा तेज वायु के कारण यह उड़कर ट्रैक पर आ जाती है तथा रेल व पहियों के बीच निघर्षण का कारण बनती है।