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Q: From NCERT environmental studies textbooks, you will find a presentation of material that has a balance between ____. एनसीईआरटी की पर्यावरण अध्ययन पाठ्यपुस्तकों से, आप सामग्री की प्रस्तुति पाएंगे जिसमें –––––– के बीच संतुलन है। I. Rural and Urban development I. ग्रामीण और शहरी विकास II. Gender equality and sensitization II. लैंगिक समानता और संवेदीकरण III. Religions III. धर्मों
  • A. II and III/II तथा III
  • B. Only III/केवल III
  • C. I, II and III/I, II तथा III
  • D. Only II/केवल II
Correct Answer: Option D - एन.सी.ई.आर.टी. की पर्यावरण अध्ययन पाठ्यपुस्तकों से आप सामग्री की प्रस्तुति पाएंगे जिसमें लैंगिक समानता और संवेदीकरण के बीच संतुलन होता है। लैंगिक समानता का उद्देश्य पुरुषों एवं महिलाओं के बीच सभी सीमाओं और मतभेदों को दूर करना है। यह पुरुष और महिला के बीच किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करता है। लिंग समानता पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करती है, चाहे वह घर पर हो या शैक्षणिक संस्थानों में या कार्यस्थलों पर। लैंगिक संवेदीकरण प्रत्येक लिंग का व्यक्ति दूसरे लिंग के प्रति सम्मान का भाव होता है। यह दोनों का संतुलन NCERT ने अपनी पाठ्यपुस्तक में बनाए रखा है।
D. एन.सी.ई.आर.टी. की पर्यावरण अध्ययन पाठ्यपुस्तकों से आप सामग्री की प्रस्तुति पाएंगे जिसमें लैंगिक समानता और संवेदीकरण के बीच संतुलन होता है। लैंगिक समानता का उद्देश्य पुरुषों एवं महिलाओं के बीच सभी सीमाओं और मतभेदों को दूर करना है। यह पुरुष और महिला के बीच किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करता है। लिंग समानता पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करती है, चाहे वह घर पर हो या शैक्षणिक संस्थानों में या कार्यस्थलों पर। लैंगिक संवेदीकरण प्रत्येक लिंग का व्यक्ति दूसरे लिंग के प्रति सम्मान का भाव होता है। यह दोनों का संतुलन NCERT ने अपनी पाठ्यपुस्तक में बनाए रखा है।

Explanations:

एन.सी.ई.आर.टी. की पर्यावरण अध्ययन पाठ्यपुस्तकों से आप सामग्री की प्रस्तुति पाएंगे जिसमें लैंगिक समानता और संवेदीकरण के बीच संतुलन होता है। लैंगिक समानता का उद्देश्य पुरुषों एवं महिलाओं के बीच सभी सीमाओं और मतभेदों को दूर करना है। यह पुरुष और महिला के बीच किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करता है। लिंग समानता पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करती है, चाहे वह घर पर हो या शैक्षणिक संस्थानों में या कार्यस्थलों पर। लैंगिक संवेदीकरण प्रत्येक लिंग का व्यक्ति दूसरे लिंग के प्रति सम्मान का भाव होता है। यह दोनों का संतुलन NCERT ने अपनी पाठ्यपुस्तक में बनाए रखा है।