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Q: समस्या को परिभाषित करना निर्णय निर्माण प्रक्रिया में ............... चरण है।
  • A. पहला
  • B. दूसरा
  • C. तीसरा
  • D. चौथा
Correct Answer: Option A - समस्या को परिभाषित करना निर्णय निर्माण प्रक्रिया में पहला चरण है। निर्णय निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है निर्णय एक मानसिक प्रक्रिया है। इसे काफी सोच समझकर तर्क शक्ति का उपयोग कर लिया जाता है। निर्णय स्वयं में एक लक्ष्य नही है बल्कि लक्ष्य तक पहुँचने का एक साधन है। ग्रॉस एवं क्रेण्डल ने निर्णय निर्माण के पाँच चरण बताये हैं– (1) निर्णय की जानी वाली समस्या की परिभाषा (2) वैकल्पिक हलों की खोज (3) विकल्पों के संदर्भ में सोचना (4) एक विकल्प का चयन (5) निर्णय के उत्तरदायित्व को स्वीकार करना।
A. समस्या को परिभाषित करना निर्णय निर्माण प्रक्रिया में पहला चरण है। निर्णय निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है निर्णय एक मानसिक प्रक्रिया है। इसे काफी सोच समझकर तर्क शक्ति का उपयोग कर लिया जाता है। निर्णय स्वयं में एक लक्ष्य नही है बल्कि लक्ष्य तक पहुँचने का एक साधन है। ग्रॉस एवं क्रेण्डल ने निर्णय निर्माण के पाँच चरण बताये हैं– (1) निर्णय की जानी वाली समस्या की परिभाषा (2) वैकल्पिक हलों की खोज (3) विकल्पों के संदर्भ में सोचना (4) एक विकल्प का चयन (5) निर्णय के उत्तरदायित्व को स्वीकार करना।

Explanations:

समस्या को परिभाषित करना निर्णय निर्माण प्रक्रिया में पहला चरण है। निर्णय निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है निर्णय एक मानसिक प्रक्रिया है। इसे काफी सोच समझकर तर्क शक्ति का उपयोग कर लिया जाता है। निर्णय स्वयं में एक लक्ष्य नही है बल्कि लक्ष्य तक पहुँचने का एक साधन है। ग्रॉस एवं क्रेण्डल ने निर्णय निर्माण के पाँच चरण बताये हैं– (1) निर्णय की जानी वाली समस्या की परिभाषा (2) वैकल्पिक हलों की खोज (3) विकल्पों के संदर्भ में सोचना (4) एक विकल्प का चयन (5) निर्णय के उत्तरदायित्व को स्वीकार करना।