Correct Answer:
Option C - दामोदर, कोयल और सुवर्णरेखा नदियाँ छोटानागपुर, पठार से निकलती हैं। दामोदर नदी छोटानागपुर पठार से निकलने वाली सबसे लम्बी नदी है। दामोदर नदी को बंगाल का शोक भी कहते हैं। बराकर, जमुनिया तथा बरकी इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
• स्वर्ण रेखा नदी छोटानागपुर से निकलती है। पठारी चट्टानों वाली प्रदेश से प्रवाहित होने के कारण इसकी सहायक नदियाँ गहरी घाटियाँ तथा जलप्रताप का निर्माण करती हैं। स्वर्ण रेखा मुख्यत: बरसाती नदी है। इसकी कुल लम्बाई 395 किमी. तथा अपवाह क्षेत्र का विस्तार 19,196 वर्ग किमी. है। इसका अपवाह बेसिन झारखण्ड, ओडिशा एवं प. बंगाल में पड़ता है।
• कोयल नदी का भी उद्गम छोटानागपुर पठार है। कोयल नदी पालमू टाइगर रिजर्व से निकलती है और दो नदियों, दक्षिण कोयल एवं उत्तरी कोयल नदी में विभाजित हो जाती है।
C. दामोदर, कोयल और सुवर्णरेखा नदियाँ छोटानागपुर, पठार से निकलती हैं। दामोदर नदी छोटानागपुर पठार से निकलने वाली सबसे लम्बी नदी है। दामोदर नदी को बंगाल का शोक भी कहते हैं। बराकर, जमुनिया तथा बरकी इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
• स्वर्ण रेखा नदी छोटानागपुर से निकलती है। पठारी चट्टानों वाली प्रदेश से प्रवाहित होने के कारण इसकी सहायक नदियाँ गहरी घाटियाँ तथा जलप्रताप का निर्माण करती हैं। स्वर्ण रेखा मुख्यत: बरसाती नदी है। इसकी कुल लम्बाई 395 किमी. तथा अपवाह क्षेत्र का विस्तार 19,196 वर्ग किमी. है। इसका अपवाह बेसिन झारखण्ड, ओडिशा एवं प. बंगाल में पड़ता है।
• कोयल नदी का भी उद्गम छोटानागपुर पठार है। कोयल नदी पालमू टाइगर रिजर्व से निकलती है और दो नदियों, दक्षिण कोयल एवं उत्तरी कोयल नदी में विभाजित हो जाती है।