search
Q: उत्तरांचल का निम्न में कौन सा मेला काली एवं गौरी नदियों के संगम पर आयोजित किया जाता है ?
  • A. जौलजीवी मेला
  • B. उत्तरायणी मेला
  • C. बग्वाल मेला
  • D. गिन्दी मेला
Correct Answer: Option A - जौलजीवी मेल, पिथौरागढ़ मुख्यालय से लगभग 70 किमी. की दूरी पर स्थित जौलजीवी में प्रतिवर्ष कार्तिक माह में लगता है। इस मेले की शुरुआत सर्वप्रथम सन् 1914 में मार्गशीर्ष संक्रांति को हुई थी। यह मेला काली एवं गौरी नदियों के संगम पर आयोजित किया जाता है। उत्तरायणी मेले में ही वर्ष 1921 में कुली बेगार प्रथा को समाप्त करने का संकल्प लिया गया था और कुली बेगार से सम्बंधित सभी कागजात सरयू नदी में बहा दिये थे।
A. जौलजीवी मेल, पिथौरागढ़ मुख्यालय से लगभग 70 किमी. की दूरी पर स्थित जौलजीवी में प्रतिवर्ष कार्तिक माह में लगता है। इस मेले की शुरुआत सर्वप्रथम सन् 1914 में मार्गशीर्ष संक्रांति को हुई थी। यह मेला काली एवं गौरी नदियों के संगम पर आयोजित किया जाता है। उत्तरायणी मेले में ही वर्ष 1921 में कुली बेगार प्रथा को समाप्त करने का संकल्प लिया गया था और कुली बेगार से सम्बंधित सभी कागजात सरयू नदी में बहा दिये थे।

Explanations:

जौलजीवी मेल, पिथौरागढ़ मुख्यालय से लगभग 70 किमी. की दूरी पर स्थित जौलजीवी में प्रतिवर्ष कार्तिक माह में लगता है। इस मेले की शुरुआत सर्वप्रथम सन् 1914 में मार्गशीर्ष संक्रांति को हुई थी। यह मेला काली एवं गौरी नदियों के संगम पर आयोजित किया जाता है। उत्तरायणी मेले में ही वर्ष 1921 में कुली बेगार प्रथा को समाप्त करने का संकल्प लिया गया था और कुली बेगार से सम्बंधित सभी कागजात सरयू नदी में बहा दिये थे।