Correct Answer:
Option C - सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के आदर्शों के प्रचार के लिए धर्मप्रचारकों को दूरदराज के स्थानों पर भेजा ताकि लोग भगवान बुद्ध की शिक्षाओं द्वारा अपने जीवन का उद्धार कर सके । इसने बौद्ध धर्म के प्रचार एवं प्रसार के लिए अपने पुत्र महेन्द्र एवं पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा। सम्राट अशोक का नाम देवानामप्रिय है। उनका शासनकाल 273 ई. पू० से 232 ई.पू० था।
C. सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के आदर्शों के प्रचार के लिए धर्मप्रचारकों को दूरदराज के स्थानों पर भेजा ताकि लोग भगवान बुद्ध की शिक्षाओं द्वारा अपने जीवन का उद्धार कर सके । इसने बौद्ध धर्म के प्रचार एवं प्रसार के लिए अपने पुत्र महेन्द्र एवं पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा। सम्राट अशोक का नाम देवानामप्रिय है। उनका शासनकाल 273 ई. पू० से 232 ई.पू० था।