Q: निर्देश (175-180) : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । कुछ ऐसे पूरब के गाँव की हवा चली, खपरैलों की दुनिया आँख खोलने लगी। जमे हुए धुएँ-सी पहाड़ी है दूर की, काजल की रेख-सी कतार है खजूर की सोने का कलश लिए उषा चली आ रही, माथे पर दमक रही आभा सिंदूर की। ‘खपरैलों की दुनिया आँख खोलने लगी।’ पंक्ति से तात्पर्य है-
A.
लोगों की आँखें खुल गई हैं।
B.
लोग खपरैलों को जगाने लगे हैं।
C.
खपरैलों की दुनिया सचेत हो गई है।
D.
गाँव के लोग उठने लगे हैं।
Correct Answer:
Option D - ‘खपरैलों की दुनिया आँख खोलने लगी’ पक्ति से तात्पर्य है-गाँव के लोग उठने लगे हैं।
D. ‘खपरैलों की दुनिया आँख खोलने लगी’ पक्ति से तात्पर्य है-गाँव के लोग उठने लगे हैं।
Explanations:
‘खपरैलों की दुनिया आँख खोलने लगी’ पक्ति से तात्पर्य है-गाँव के लोग उठने लगे हैं।
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