Correct Answer:
Option A - क्षारीय मृदा (खारी मिट्टी) को ऊसर मिट्टी के नाम से भी जाना जाता है। यह मिट्टी कृषि करने के योग्य नहीं होती है, क्योंकि यह अनुपजाऊ होती है। इस मिट्टी में सोडियम, पोटैशियम एवं मैग्नीशियम अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। ऊसर मिट्टी का पी.एच. मान 8.5 से ज्यादा होता है। इसका स्थानयी नाम रेह कल्लर, ऊसर, चापेन, कार्ल आदि है। इस मिट्टी में चूना या जिप्सम मिलाकर इसे कृषि योग्य बनाया जा सकता है।
A. क्षारीय मृदा (खारी मिट्टी) को ऊसर मिट्टी के नाम से भी जाना जाता है। यह मिट्टी कृषि करने के योग्य नहीं होती है, क्योंकि यह अनुपजाऊ होती है। इस मिट्टी में सोडियम, पोटैशियम एवं मैग्नीशियम अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। ऊसर मिट्टी का पी.एच. मान 8.5 से ज्यादा होता है। इसका स्थानयी नाम रेह कल्लर, ऊसर, चापेन, कार्ल आदि है। इस मिट्टी में चूना या जिप्सम मिलाकर इसे कृषि योग्य बनाया जा सकता है।