search
Q: निर्देश: अधोलिखितं श्लोकम् पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां (प्रश्न संख्या 264-269) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: समुचितम् उत्तरं चित्वा लिखत। शोको नाशयते धैर्यं, शोको नाशयते श्रुतम्। शोको नाशयते सर्वं, नास्ति शोकसमो रिपु:।। गौरवं प्राप्यते दानात् न तु वित्तस्य सञ्चयात्। स्थितिरुच्चै: पयोदानां पयोधीनामध: स्थिति:।। सद्भिस्तु लीलया प्रोक्तं शिलालिखितमक्षरम्। असद्भि: शपथेनापि जले लिखितमक्षरम् ।। भवन्ति नम्रास्तरव: फलोद्गमै: नवाम्बुभिर्भूरिविलम्बिनो घना:। अनुद्धता: सत्पुरुषा: समृद्धिभि: स्वभाव एवैष परोपकारिणाम्।। काष्ठादग्निर्जायते मध्यमानाद् भूमिस्तोयं खन्यमाना ददाति। सोत्साहानां नास्त्यसाध्यं नराणां मार्गारब्धा: सर्वयत्ना: फलन्ति।।वह्नि:इत्यर्थे किम् पर्यायपदमत्र प्रयुक्तम्?
  • A. गौरवम्
  • B. अग्नि:
  • C. घना:
  • D. भूमि:
Correct Answer: Option B - वह्नि का अर्थ अग्नि से है। वह्नि का पर्याय दिये गये विकल्पों में अग्नि है। वह्नि के अन्य पर्यायवाची पावक, अनल, आग इत्यादि हैं।
B. वह्नि का अर्थ अग्नि से है। वह्नि का पर्याय दिये गये विकल्पों में अग्नि है। वह्नि के अन्य पर्यायवाची पावक, अनल, आग इत्यादि हैं।

Explanations:

वह्नि का अर्थ अग्नि से है। वह्नि का पर्याय दिये गये विकल्पों में अग्नि है। वह्नि के अन्य पर्यायवाची पावक, अनल, आग इत्यादि हैं।