Correct Answer:
Option A - आयोडीन तत्व की कमी के कारण घेंघा रोग (Goiter) होता है। थायरॉइड ग्रंथि के फूलकर बड़ी हो जाने को घेंघा रोग कहते हैं। रक्त में आयोडीन व थाइरॉक्सिन हार्मोन्स की कमी के कारण पीयुष ग्रन्थि से TSH का स्त्रावण बढ़ जाता है। TSH का प्रभाव थायरॉइड ग्रन्थि को अधिकाधिक हार्मोन्स स्रावित करने के लिए प्रेरित करना है। TSH के प्रभाव से थाइराइड ग्रन्थि की रूधिर से आयोडीन ग्रहण करने के लिए, कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है, जिससे ग्रन्थि फूलकर बड़ी हो जाती है। कभी-कभी यह रोग किसी विशेष क्षेत्र में (जैसे- पहाड़ी क्षेत्रों में), जल व मिट्टी में आयोडीन की कमी के कारण अधिकाधिक जनता को हो जाता है। तब इसको इण्डेमिक घेंघा तथा क्षेत्र को घेंघा क्षेत्र कहते है।
A. आयोडीन तत्व की कमी के कारण घेंघा रोग (Goiter) होता है। थायरॉइड ग्रंथि के फूलकर बड़ी हो जाने को घेंघा रोग कहते हैं। रक्त में आयोडीन व थाइरॉक्सिन हार्मोन्स की कमी के कारण पीयुष ग्रन्थि से TSH का स्त्रावण बढ़ जाता है। TSH का प्रभाव थायरॉइड ग्रन्थि को अधिकाधिक हार्मोन्स स्रावित करने के लिए प्रेरित करना है। TSH के प्रभाव से थाइराइड ग्रन्थि की रूधिर से आयोडीन ग्रहण करने के लिए, कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है, जिससे ग्रन्थि फूलकर बड़ी हो जाती है। कभी-कभी यह रोग किसी विशेष क्षेत्र में (जैसे- पहाड़ी क्षेत्रों में), जल व मिट्टी में आयोडीन की कमी के कारण अधिकाधिक जनता को हो जाता है। तब इसको इण्डेमिक घेंघा तथा क्षेत्र को घेंघा क्षेत्र कहते है।