Correct Answer:
Option A - खातों को सामान्यत: 3 भागों में विभाजित किया जाता है।
1. व्यक्तिगत खाता :
i. प्राकृतिक व्यक्तिगत खाता जैसे – राम, श्याम, मोहन आदि का खाता
ii. कृत्रिम व्यक्तिगत खाता जैसे – ABC Ltd. Bank etc
iii. प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता जैसे – पूर्वदत्त व अदत्त आय-व्यय
2. वास्तविक खाता
i. मूर्त वास्तविक खाता जैसे–मशीनरी, भवन खाता आदि।
ii. अमूर्त वास्तविक खाता जैसे- ख्याति खाता आदि।
3. नाममात्र खाता – आय व्यय से संबंधित खाता।
अत: देय मजदूरी या अदत्त मजदूरी एक प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता है, जो व्यक्तिगत खाते का ही भाग है।
A. खातों को सामान्यत: 3 भागों में विभाजित किया जाता है।
1. व्यक्तिगत खाता :
i. प्राकृतिक व्यक्तिगत खाता जैसे – राम, श्याम, मोहन आदि का खाता
ii. कृत्रिम व्यक्तिगत खाता जैसे – ABC Ltd. Bank etc
iii. प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता जैसे – पूर्वदत्त व अदत्त आय-व्यय
2. वास्तविक खाता
i. मूर्त वास्तविक खाता जैसे–मशीनरी, भवन खाता आदि।
ii. अमूर्त वास्तविक खाता जैसे- ख्याति खाता आदि।
3. नाममात्र खाता – आय व्यय से संबंधित खाता।
अत: देय मजदूरी या अदत्त मजदूरी एक प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता है, जो व्यक्तिगत खाते का ही भाग है।