Correct Answer:
Option B - बौद्ध धर्म के बारे में हमें विशद ज्ञान ‘त्रिपिटक’ (विनयपिटक, सुत्तपिटक एवं अभिधम्मपिटक) से प्राप्त होता है। सुत्त पिटक में बुद्ध के धार्मिक विचारों व उपदेशों को संवादों के रूप में संकलित किया गया है। विनयपिटक में संघ के भिक्षु एवं भिक्षुणी के लिए बनाये गए अनुशासन संबंधी नियमों का संग्रह किया गया है। अभिधम्म पिटक में बौद्ध मतों की दार्शनिक व्याख्या की गई है। बौद्ध परम्परा की ऐसी मान्यता है कि इस पिटक का संकलन अशोक के समय में सम्पन्न तृतीय बौद्ध संगीति में मोग्गलिपुत्त तिस्स ने किया था।
B. बौद्ध धर्म के बारे में हमें विशद ज्ञान ‘त्रिपिटक’ (विनयपिटक, सुत्तपिटक एवं अभिधम्मपिटक) से प्राप्त होता है। सुत्त पिटक में बुद्ध के धार्मिक विचारों व उपदेशों को संवादों के रूप में संकलित किया गया है। विनयपिटक में संघ के भिक्षु एवं भिक्षुणी के लिए बनाये गए अनुशासन संबंधी नियमों का संग्रह किया गया है। अभिधम्म पिटक में बौद्ध मतों की दार्शनिक व्याख्या की गई है। बौद्ध परम्परा की ऐसी मान्यता है कि इस पिटक का संकलन अशोक के समय में सम्पन्न तृतीय बौद्ध संगीति में मोग्गलिपुत्त तिस्स ने किया था।