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Q: ` स्फुटा न पदैरपाकृता, न च स्वीकृतमर्थ गौरवम्' उक्ति किस ग्रन्थ से सम्बन्धित है?
  • A. शिशुपालवधम्
  • B. किरातार्जुनीयम्
  • C. जानकी हरणम्
  • D. रघुवंशम्
Correct Answer: Option B - ``स्फुटा न पदैरपाकृता न च स्वीकृतमर्थगौरवम्'' उक्ति महाकवि भारवि द्वारा रचित `किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य के द्वितीय अङ्क के 27वें श्लोक से उद्धृत है।
B. ``स्फुटा न पदैरपाकृता न च स्वीकृतमर्थगौरवम्'' उक्ति महाकवि भारवि द्वारा रचित `किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य के द्वितीय अङ्क के 27वें श्लोक से उद्धृत है।

Explanations:

``स्फुटा न पदैरपाकृता न च स्वीकृतमर्थगौरवम्'' उक्ति महाकवि भारवि द्वारा रचित `किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य के द्वितीय अङ्क के 27वें श्लोक से उद्धृत है।