Correct Answer:
Option B - यदि दो स्तम्भों के अलग–अलग नींवों को धरन द्वारा स्तम्भ भार को सहन करने के लिए जोड़ दिया जाता है, तो नींव, स्ट्रैप नींव कहलाती है।
जब R.C.C. फुटिंग का विस्तार बगल वाले घर के भूखण्ड पर नहीं किया जाता है तो वहाँ पर स्ट्रेप फुटिंग (strap footing) बनाया जाता है।
B. यदि दो स्तम्भों के अलग–अलग नींवों को धरन द्वारा स्तम्भ भार को सहन करने के लिए जोड़ दिया जाता है, तो नींव, स्ट्रैप नींव कहलाती है।
जब R.C.C. फुटिंग का विस्तार बगल वाले घर के भूखण्ड पर नहीं किया जाता है तो वहाँ पर स्ट्रेप फुटिंग (strap footing) बनाया जाता है।