Correct Answer:
Option D - ‘नारी’ का शाब्दिक अर्थ ‘स्त्री’ ही होता है। अत: नारी का पर्यायवाची शब्द ‘महिला’ है। यह दोनों पदों का संस्कृत साहित्य में एक विशेष शाब्दिक अर्थ है। अर्थात् -
नारी की परिभाषा- न अरि: सा नारी (नञ् तत्पुरुष समास)
(जिसका कोई शत्रु न हो)
क्योंकि- ‘‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’’
महिला की परिभाषा- ऐसा सामर्थ्य जो विपरीत परिस्थिति में भी ना डिगे वह महिला कहलाती है।
D. ‘नारी’ का शाब्दिक अर्थ ‘स्त्री’ ही होता है। अत: नारी का पर्यायवाची शब्द ‘महिला’ है। यह दोनों पदों का संस्कृत साहित्य में एक विशेष शाब्दिक अर्थ है। अर्थात् -
नारी की परिभाषा- न अरि: सा नारी (नञ् तत्पुरुष समास)
(जिसका कोई शत्रु न हो)
क्योंकि- ‘‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’’
महिला की परिभाषा- ऐसा सामर्थ्य जो विपरीत परिस्थिति में भी ना डिगे वह महिला कहलाती है।