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Q: Rocket propulsion technology works of the following scientific principles ? रॉकेट प्रणोदन प्रौद्योगिकी (Rocket propulsion technology) निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक सिद्धांत पर काम करती है ?
  • A. Laws of reflection of sound ध्वनि परावर्तन के नियम
  • B. Newton's law of motion/न्यूटन के गति के नियम
  • C. Law of thermodynamics/ऊष्मागतिकी के नियम
  • D. Law of conservation of mass द्रव्यमान संरक्षण के नियम
Correct Answer: Option B - रॉकेट प्रणोदन प्रौद्योगिकी न्यूटन के गति के तृतीय नियम पर काम करती है। रॉकेट में किसी ज्वलनशील पदार्थ को जलाकर गैसें उत्पन्न की जाती है जो नीचे की ओर अत्यंत तीव्र वेग से एक जेट के रूप में निकलती है। ये गैसें रॉकेट पर ऊपर की ओर प्रतिक्रिया बल लगाती है जिससे रॉकेट ऊपर उठ जाता है। गैस के जेट का वेग जितना अधिक होता है रॉकेट भी ऊपर की ओर उतने ही अधिक वेग से उठता है। न्यूटन के गति का तृतीय नियम– प्रत्येक क्रिया बल के बराबर एवं विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल कार्य करता है। इसे क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम भी कहते हैं। अर्थात् जब कोई पिण्ड किसी वस्तु पर बल लगाता है तो वस्तु भी उस पिण्ड पर उतना ही बल परन्तु विपरीत दिशा में लगाती है।
B. रॉकेट प्रणोदन प्रौद्योगिकी न्यूटन के गति के तृतीय नियम पर काम करती है। रॉकेट में किसी ज्वलनशील पदार्थ को जलाकर गैसें उत्पन्न की जाती है जो नीचे की ओर अत्यंत तीव्र वेग से एक जेट के रूप में निकलती है। ये गैसें रॉकेट पर ऊपर की ओर प्रतिक्रिया बल लगाती है जिससे रॉकेट ऊपर उठ जाता है। गैस के जेट का वेग जितना अधिक होता है रॉकेट भी ऊपर की ओर उतने ही अधिक वेग से उठता है। न्यूटन के गति का तृतीय नियम– प्रत्येक क्रिया बल के बराबर एवं विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल कार्य करता है। इसे क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम भी कहते हैं। अर्थात् जब कोई पिण्ड किसी वस्तु पर बल लगाता है तो वस्तु भी उस पिण्ड पर उतना ही बल परन्तु विपरीत दिशा में लगाती है।

Explanations:

रॉकेट प्रणोदन प्रौद्योगिकी न्यूटन के गति के तृतीय नियम पर काम करती है। रॉकेट में किसी ज्वलनशील पदार्थ को जलाकर गैसें उत्पन्न की जाती है जो नीचे की ओर अत्यंत तीव्र वेग से एक जेट के रूप में निकलती है। ये गैसें रॉकेट पर ऊपर की ओर प्रतिक्रिया बल लगाती है जिससे रॉकेट ऊपर उठ जाता है। गैस के जेट का वेग जितना अधिक होता है रॉकेट भी ऊपर की ओर उतने ही अधिक वेग से उठता है। न्यूटन के गति का तृतीय नियम– प्रत्येक क्रिया बल के बराबर एवं विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल कार्य करता है। इसे क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम भी कहते हैं। अर्थात् जब कोई पिण्ड किसी वस्तु पर बल लगाता है तो वस्तु भी उस पिण्ड पर उतना ही बल परन्तु विपरीत दिशा में लगाती है।