Correct Answer:
Option C - मृदा और जल पारिस्थितिकी तंत्र पर अम्लीय वर्षा के प्रभावों को समझने के लिए pH का अनुवीक्षण करना इसलिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि अम्लीय वर्षा से pH कम हो जाता है जिससे जलीय और मृदा पोषक तत्वों की उपलब्धता को हानि पहुँचती है। वर्षा के जल का pH मान जब 5.6 से कम हो जाता है, तो वह अम्लीय वर्षा कहलाती है। अम्लीय वर्षा के लिए प्रदूषकों की उच्च सान्द्रता आवश्यक है, जोकि आमतौर पर औद्योगिक क्षेत्रों के निकटवर्ती क्षेत्रों में होती है। अम्लीय वर्षा मुख्य रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NO₂) के वायुमंडल में मौजूद जलवाष्प के साथ प्रतिक्रिया करने से बनती है।
C. मृदा और जल पारिस्थितिकी तंत्र पर अम्लीय वर्षा के प्रभावों को समझने के लिए pH का अनुवीक्षण करना इसलिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि अम्लीय वर्षा से pH कम हो जाता है जिससे जलीय और मृदा पोषक तत्वों की उपलब्धता को हानि पहुँचती है। वर्षा के जल का pH मान जब 5.6 से कम हो जाता है, तो वह अम्लीय वर्षा कहलाती है। अम्लीय वर्षा के लिए प्रदूषकों की उच्च सान्द्रता आवश्यक है, जोकि आमतौर पर औद्योगिक क्षेत्रों के निकटवर्ती क्षेत्रों में होती है। अम्लीय वर्षा मुख्य रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NO₂) के वायुमंडल में मौजूद जलवाष्प के साथ प्रतिक्रिया करने से बनती है।