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Q: निर्देश (प्रश्न संख्या 81 से 85 तक) : निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढि़ए और पूछे गए प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर उत्तर-पत्रक में चिह्नत कीजिए। बंकिमचन्द्र चटर्जी द्वारा संचालित ‘बंगदर्शन’ मासिक पत्रिका उनके देहांत के पश्चात बंद हो गया था, जिसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सन् 1901 में पुन: प्रकाशित करना आरंभ किया। यह सत्साहित्य द्वारा सामाजिक प्रगति का एक साधन तो था ही, पर रवि बाबू उसके माध्यम से राजनीतिक अन्याय के विरुद्ध भी आवाज उठाया करते थे। जब दक्षिण अफ्रीकी की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की तब रवि बाबू ने गोरों के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख - बंगदर्शन’ में लिखे थे। इस मासिक पत्रिका में टैगोर की कई साहित्यिक कृतियाँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी समस्त साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य है- मनुष्य का मानसिक स्तर उच्च हो और मनुष्य निम्न प्रवृत्तियों का त्यागकर समाज का उपयोगी सदस्य बने। उनकी ‘जन-गण-मन-अधिनायक’ कविता तो देश-प्रेम की सच्ची अनुभूति का भंडार होने के कारण राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर ली गयी है। रविन्द्रनाथ टैगोर ने अपने लेख में गोरों का विरोध कब किया?
  • A. जब गोरों द्वारा दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या की गयी।
  • B. जब गोरों द्वारा अत्याचार किया गया।
  • C. जब गोरों द्वारा अपराध किया गया।
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की, तब रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गोरो के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे।
A. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की, तब रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गोरो के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे।

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उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार जब दक्षिण अफ्रीका की बोअर जाति की हत्या गोरों ने की, तब रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गोरो के इस घृणित कार्य का विरोध करने के लिए कई लेख ‘बंगदर्शन’ में लिखे थे।