Correct Answer:
Option C - किसी विशेष समय पर जनता के बीच प्रचलन में धन के कुल मुद्रा भण्डार को मुद्रा आपूर्ति कहा जाता है। RBI मुद्रा आपूर्ति के आँकड़े को चार उपायों M₁, M₂, M₃ एवं M₄ के द्वारा प्रदर्शित करता है। जहाँ M₁ [CC + DD + OD] में सीसी जनता द्वारा रखी गई मुद्रा (नोट व सिक्के) है और डीडी वाणिज्यिक बैंको द्वारा रखी शुद्ध मांग जमा और OD RBI की अन्य जमाएँ है। M₁ मुद्रा में डाकघर की बचत बैंको में बचत जमा को शामिल करते हैं, तो उसे M₂ मुद्रा आपूर्ति कहते हैं। इन दोनो (M₁ + M₂) को संकीर्ण मुद्रा (Narrow Money) के नाम से जाना जाता है। वहीं M₃ (M₁ + वाणिज्यिक बैंको की शुद्ध आवधिक जमा) व M₄ (M₃ + डाकघर बचत संगठनों मेें कुल जमा) को ब्रॉड मनी या वृहद मुद्रा कहा जाता है।
C. किसी विशेष समय पर जनता के बीच प्रचलन में धन के कुल मुद्रा भण्डार को मुद्रा आपूर्ति कहा जाता है। RBI मुद्रा आपूर्ति के आँकड़े को चार उपायों M₁, M₂, M₃ एवं M₄ के द्वारा प्रदर्शित करता है। जहाँ M₁ [CC + DD + OD] में सीसी जनता द्वारा रखी गई मुद्रा (नोट व सिक्के) है और डीडी वाणिज्यिक बैंको द्वारा रखी शुद्ध मांग जमा और OD RBI की अन्य जमाएँ है। M₁ मुद्रा में डाकघर की बचत बैंको में बचत जमा को शामिल करते हैं, तो उसे M₂ मुद्रा आपूर्ति कहते हैं। इन दोनो (M₁ + M₂) को संकीर्ण मुद्रा (Narrow Money) के नाम से जाना जाता है। वहीं M₃ (M₁ + वाणिज्यिक बैंको की शुद्ध आवधिक जमा) व M₄ (M₃ + डाकघर बचत संगठनों मेें कुल जमा) को ब्रॉड मनी या वृहद मुद्रा कहा जाता है।