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Q: रीति सम्प्रदाय से संबंधित काव्यशास्त्रीय ग्रंथ है
  • A. काव्यालंकार सूत्र
  • B. काव्यादर्श
  • C. काव्यदर्पण
  • D. काव्यालंकार सूत्रवृत्ति
Correct Answer: Option A - व्याख्या- रीति सम्प्रदाय से संबंधित काव्यशास्त्रीय ग्रंथ ‘काव्यालंकार सूत्र’ है। वामन रीति सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य हैं। ‘काव्यालंकार सूत्र’ में सूत्रों की संख्या 319 है तथा यह ग्रंथ पॉच परिच्छेदों में विभक्त है। वामन ने ‘रीति’ को काव्य की आत्मा माना है। (रीति रात्मा काव्यस्य)
A. व्याख्या- रीति सम्प्रदाय से संबंधित काव्यशास्त्रीय ग्रंथ ‘काव्यालंकार सूत्र’ है। वामन रीति सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य हैं। ‘काव्यालंकार सूत्र’ में सूत्रों की संख्या 319 है तथा यह ग्रंथ पॉच परिच्छेदों में विभक्त है। वामन ने ‘रीति’ को काव्य की आत्मा माना है। (रीति रात्मा काव्यस्य)

Explanations:

व्याख्या- रीति सम्प्रदाय से संबंधित काव्यशास्त्रीय ग्रंथ ‘काव्यालंकार सूत्र’ है। वामन रीति सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य हैं। ‘काव्यालंकार सूत्र’ में सूत्रों की संख्या 319 है तथा यह ग्रंथ पॉच परिच्छेदों में विभक्त है। वामन ने ‘रीति’ को काव्य की आत्मा माना है। (रीति रात्मा काव्यस्य)