Correct Answer:
Option A - धुरे को उस धरन की भांति माना जाता है। जिसको कि सिरों पर टेक दी गयी हो। यह एक वाहन का वह भाग है जिसपर दो मध्य स्थानों पर भार आता हो। इसमें अगला धुरा वाहन के आगे के बोझ को सहकर उसको सड़क पर चलने में मदद करता है। स्टीयरिंग यंत्रावली भी इसी के साथ संयोजित की जाती है। पिछला धुरा वाहन के पिछले बोझ को सहकर पावर के ट्रॉसमिशन में सहायता करता हैं।
A. धुरे को उस धरन की भांति माना जाता है। जिसको कि सिरों पर टेक दी गयी हो। यह एक वाहन का वह भाग है जिसपर दो मध्य स्थानों पर भार आता हो। इसमें अगला धुरा वाहन के आगे के बोझ को सहकर उसको सड़क पर चलने में मदद करता है। स्टीयरिंग यंत्रावली भी इसी के साथ संयोजित की जाती है। पिछला धुरा वाहन के पिछले बोझ को सहकर पावर के ट्रॉसमिशन में सहायता करता हैं।