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Q: निम्न में से नलचम्पू की सूक्ति है
  • A. नैको रस: कवे:
  • B. सर्वसहा सूरय:
  • C. उपर्युक्त दोनों
  • D. इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - ‘नैको रस: कवे:, सर्वसहा सूरय:’ उपर्युक्त दोनों सूक्तियों को नलचम्पू से लिया गया है। नलचम्पू काव्य त्रिविक्रमभट्ट का है नलचम्पू का ही दूसरा नाम दमयन्ती कथा है। यह महाभारत के वन पर्व से लिया गया है। इसमें सात उच्छ्वास है और नल तथा दमयन्ती की प्रेमकथा वर्णित है इसके प्रत्येक उच्छ्वास के अन्तिम श्लोक में ‘हरचरणसरोज’ शब्द है।
C. ‘नैको रस: कवे:, सर्वसहा सूरय:’ उपर्युक्त दोनों सूक्तियों को नलचम्पू से लिया गया है। नलचम्पू काव्य त्रिविक्रमभट्ट का है नलचम्पू का ही दूसरा नाम दमयन्ती कथा है। यह महाभारत के वन पर्व से लिया गया है। इसमें सात उच्छ्वास है और नल तथा दमयन्ती की प्रेमकथा वर्णित है इसके प्रत्येक उच्छ्वास के अन्तिम श्लोक में ‘हरचरणसरोज’ शब्द है।

Explanations:

‘नैको रस: कवे:, सर्वसहा सूरय:’ उपर्युक्त दोनों सूक्तियों को नलचम्पू से लिया गया है। नलचम्पू काव्य त्रिविक्रमभट्ट का है नलचम्पू का ही दूसरा नाम दमयन्ती कथा है। यह महाभारत के वन पर्व से लिया गया है। इसमें सात उच्छ्वास है और नल तथा दमयन्ती की प्रेमकथा वर्णित है इसके प्रत्येक उच्छ्वास के अन्तिम श्लोक में ‘हरचरणसरोज’ शब्द है।