Select the correct passive form of the given sentence. Susan writes recipes for the cookbook.
Fill in the blank with the correct preposition. I am tired ______ walking endlessly.
In the following question, out of the given four alternatives, select the alternative which best expresses the meaning of the Idiom/Phrase. To foam at mouth
Rains caused by thunderstorms during the hot weather season (mid-March to mid-June) ij Karnataka are called /कर्नाटक में ग्रीष्म ऋतु (मध्य-मार्च से मध्य-जून) के दौरान तड़ित झंझाओं के कारण होने वाली वर्षा को क्या कहा जाता है?
निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए (प्र.सं. 371 से 378) : जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भाँति अशुभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते है और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमश: क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह स्मरण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किन्तु कुछ लोग अंधकार के स्वीकार से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत उपक्रम बना जाता है। गद्यांश में ‘अंधकार’ शब्द किस ओर संकेत करता है?
Choose the word that can substitute the given sentence. A conditional release of a prisoner serving an indeterminate sentence
निम्नलिखित में से किस देश की कोई भी सीमा समुद्र से नहीं लगती है ?
Which district of Bihar has mica deposits? बिहार के किस जिले में अंभ्रक का भंडार है?
अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानां (61-68) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: उचिततमम् उत्तरं चित्वा लिखत- भारवि: पितु: सपरिश्रमं पठति स्म। परन्तु पिता तस्य वैदुष्यम् एकवारम् अपि नैव प्रशंसितवान्। अनेन खिन्न: भारवि: पितरं हन्तुं निलीन:। रात्रौ तस्य मात्रा पृष्ठ: पिता कथितवान्- ‘‘भारवि: विश्व-विख्यात: एक अजर: अमर: महाकवि; भवतु। इदं विचार्य एव अहं तं प्रत्यक्षं नैव प्रशंसामि। प्रशंसा प्रगतौ पूर्ण-विरार्म योजयति। इदं श्रुत्वा भारवि: स्वाचरणे पश्चातापं कुर्वन् प्रकटोभूय पितृ-पादयो खड्गं निधाय स्वविचारितं सर्व सत्यं सत्यम् अकथयत्: तदपराधे च आत्मानं हन्तुं निर्णयं श्रावितवानं पित्रा तु ‘आत्महत्या महान् अपराध:’ इति सन्दिश्य प्रायश्चित्त-रूपं पत्न्या सह श्वशुरालये कानिचित् वर्षाणि प्रवासं कर्तुं स: निद्र्दिष्ट:। भारवि: तथाएव कृतवान्। कानिचित् दिनानि स: श्वशुरालय। सपत्नीक: सानन्दं: स्थितवान्। किन्तु पश्चात् श्वशुरेण आज्ञप्त: भारवित तस्य गा: चारयितुं प्रवृत्त:। एकत: गाव: स्वेच्छया विचरन्त्य: चरन्ति स्म, तर्हि अन्यत: उपविश्य भारवि: किरातार्जुनीयं नाम महाकाव्यं रचयितुं प्रावर्तत। गवां स्वक्षेत्रे प्रविश्य चरणेन कुपित: तत्क्षेपति: भारवे: श्वशुरं भारवे: चेष्टितं यदा अश्रावयत् तदा श्वशुर: भारविं स्वकार्यं सावधानता-पूर्वंक सम्पादयितुं परुष-वाचा कथितवान् अपि। किन्तु अनेन रुष्ट: न भूत्वा भारवि: महाकाव्य-विरचनं नैव त्यक्तवान्। भारवि: किरातार्जुनीयस्य कानिचित् सुभाषितानि रात्रौ स्वपत्नीम् अपि श्रवयति स्म। आसात् सा संस्कृतज्ञ विदुषी। स्मरणशक्ति तस्या: तीव्रा आसीत्। एकदा सा गृहदार्सी- ‘‘सहसा विदधीत न क्रियाम्, अविवेक: परमापदां पदम्। वृणुते हि विमृश्य कारिणुं, गुण-लुब्धा स्वयमेव सम्पदा।।’’ इसं श्लोकं श्रावितवती। सा अपि तत: प्रभाविता इमम् एव श्लोकम् अन्यत्र यत्र सा कार्य करोति स्म-तत्रत्यां गृह-स्वामिनीम् अश्रावयत्। सा तृ स्व-शयन-कक्षे स्थूल-स्थूलाक्षरेषु इमं लेखयित्वा उपयुक्त-स्थाने-सुरक्षितवती। द्वितीयास्मिन् एव दिने व्यापाराय दश-पञ्चदश-वर्षेभ्य: विदेशे कृत- प्रवास: तस्या: पति: रात्रौ प्रतिनिवृत्त:। स: पत्न्या: कक्षे तरुणं हृष्टं पुष्टं युवकं शयानं। दृष्ट्वा पत्नीं च दुराचारिणा मत्वा यावत् एव तं हन्तुं प्रवृत्त: तावत् एवं तस्य दृष्टौ उपर्युक्त: श्लोक: आपतित:। विरम्य स: किञ्चित् विचारयितुं प्रवृत्त;, तावत् एव तस्य पत्नी तं यथार्थतां प्रबोधितवती यत् अयम् आवयो: आत्मज: एव। ‘‘पापात् अहं सुरक्षित: अस्मि अनेन श्लोकेन’’ इति उक्तवा स: तस्य लेखकं भारचितं तदीयम् आवासन् उपगत्य बहु-बहु-धन-मानादि-समर्पणेन अभ्यनन्त्। श्वशुर: अपि अनेन अत्मानं गौरवन्तिवम् अमन्यत। पुन: प्रायश्चितावधौ समाप्ते गृहं प्रत्यावृत्तं भारविं पिता अति प्रवहदानन्दाश्रुपुर: पुन: पुन: समाश्लिष्य भूरि-भूरि मुक्तकण्ठम् अभिनन्दितवान् इति।भारवि: सपत्नीक: कुत्र अवसत्?
भारत के पहले केबल-स्टे रेलवे ब्रिज का उद्घाटन कहां किया गया?
Explanations:
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