Correct Answer:
Option A - राम मनोहर लोहिया विकेन्द्रित समाजवाद के समर्थक थे। लोहिया राज्य की सत्ता को एक स्थान पर केन्द्रित नहीं करना चाहते थे, उनका कहना था कि प्रभुसत्ता केवल राज्यों तक ही सीमित न रहें, उनका विभाजन ऐसा होना चाहिए कि वह गॉव-गॉव तक पहुंचे। इसके लिए उन्होनें चौखम्भा राज्य की योजना स्थापित करने का प्रयास किया। ये चार खम्भे है - ग्राम – मण्डल – प्रांत – केन्द्र सरकार। लोहिया इन खम्भों की संख्या बढ़ाकर विश्व संसद या विश्व सरकार की स्थापना करना चाहते थे जो पाँचवा खम्भा था।
A. राम मनोहर लोहिया विकेन्द्रित समाजवाद के समर्थक थे। लोहिया राज्य की सत्ता को एक स्थान पर केन्द्रित नहीं करना चाहते थे, उनका कहना था कि प्रभुसत्ता केवल राज्यों तक ही सीमित न रहें, उनका विभाजन ऐसा होना चाहिए कि वह गॉव-गॉव तक पहुंचे। इसके लिए उन्होनें चौखम्भा राज्य की योजना स्थापित करने का प्रयास किया। ये चार खम्भे है - ग्राम – मण्डल – प्रांत – केन्द्र सरकार। लोहिया इन खम्भों की संख्या बढ़ाकर विश्व संसद या विश्व सरकार की स्थापना करना चाहते थे जो पाँचवा खम्भा था।