Correct Answer:
Option B - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 E के अनुसार प्रत्येक पंचायत, जब तक कि किसी भी कानून के लागू होने के तुरन्त बाद कुछ समय के लिए भंग न हो जाए, अपनी प्रथम बैठक की निश्चित तिथि से ‘पाँच वर्ष’ तक जारी रहेगी और उसके बाद नहीं।
अनुच्छेद 243E (3) के अनुसार पंचायत के नये निर्वाचन उसके कार्यकाल के समाप्त होने के पूर्व ही करा लिए जायेंगे और यदि उसे समय से पूर्व भंग किया गया है, तो 6 माह की अवधि के पूर्व ही पुन: चुनाव करा लिए जायेंगे।
• पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रधानमंत्री ‘पी.वी. नरसिम्हा राव’ के कार्यकाल में 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा प्रदान किया गया है जो 24 अप्रैल, 1993 से प्रभावी हुआ है।
• सर्वप्रथम 2 अक्टूबर, 1959 ई. को राजस्थान के ‘नागौर जिले’ में पं. जवाहरलाल नेहरू ने पंचायती राज प्रणाली का शुभारम्भ किया था।
B. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 E के अनुसार प्रत्येक पंचायत, जब तक कि किसी भी कानून के लागू होने के तुरन्त बाद कुछ समय के लिए भंग न हो जाए, अपनी प्रथम बैठक की निश्चित तिथि से ‘पाँच वर्ष’ तक जारी रहेगी और उसके बाद नहीं।
अनुच्छेद 243E (3) के अनुसार पंचायत के नये निर्वाचन उसके कार्यकाल के समाप्त होने के पूर्व ही करा लिए जायेंगे और यदि उसे समय से पूर्व भंग किया गया है, तो 6 माह की अवधि के पूर्व ही पुन: चुनाव करा लिए जायेंगे।
• पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रधानमंत्री ‘पी.वी. नरसिम्हा राव’ के कार्यकाल में 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा प्रदान किया गया है जो 24 अप्रैल, 1993 से प्रभावी हुआ है।
• सर्वप्रथम 2 अक्टूबर, 1959 ई. को राजस्थान के ‘नागौर जिले’ में पं. जवाहरलाल नेहरू ने पंचायती राज प्रणाली का शुभारम्भ किया था।