Correct Answer:
Option A - पौड़ी के पैठाणी गाँव में स्थित राहु मंदिर का एकमात्र मंदिर है। यहाँ लोग वर्ष भर राहु के साथ शिव की पूजा करने आते हैं। इस मंदिर का निर्माण आदि शंकराचार्य ने कराया था। पैठाणी गाँव में ही राहु ने भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। राहु के गोत्र पैठीनसी के कारण इस गाँव का नाम बाद में पैठाणी पड़ा।
A. पौड़ी के पैठाणी गाँव में स्थित राहु मंदिर का एकमात्र मंदिर है। यहाँ लोग वर्ष भर राहु के साथ शिव की पूजा करने आते हैं। इस मंदिर का निर्माण आदि शंकराचार्य ने कराया था। पैठाणी गाँव में ही राहु ने भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। राहु के गोत्र पैठीनसी के कारण इस गाँव का नाम बाद में पैठाणी पड़ा।