Correct Answer:
Option C - ‘कर्मसंज्ञा’ इति वार्तिकेण द्वितीया। अर्थात् ‘कर्मसंज्ञा’ में द्वितीया विभक्ति होती है। कर्मणि द्वितीय सूत्र से द्वितीया विभक्ति होती है। सम्प्रदान में चतुर्थी विभक्ति होती है। अपादान में पञचमी विभक्ति होती है।
अत: प्रश्नानुसार समुचित (c) है।
C. ‘कर्मसंज्ञा’ इति वार्तिकेण द्वितीया। अर्थात् ‘कर्मसंज्ञा’ में द्वितीया विभक्ति होती है। कर्मणि द्वितीय सूत्र से द्वितीया विभक्ति होती है। सम्प्रदान में चतुर्थी विभक्ति होती है। अपादान में पञचमी विभक्ति होती है।
अत: प्रश्नानुसार समुचित (c) है।