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Q: रचना के आधार पर वाक्य कितने प्रकार के होते हैं?
  • A. सात
  • B. तीन
  • C. पाँच
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते है। ⇒ सामान्य तौर पर वाक्य सार्थक शब्द का समूह है, जिसमें कर्ता और क्रिया दोनों होते है। वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यत: दो दृष्टियों से होता है- क-रचना या स्वरूप की दृष्टि से ख-अर्थ की दृष्टि से। ⇒ रचना की दृष्टि से वाक्य के तीन प्रकार है- 1. सरल या साधारण वाक्य-जिस वाक्य में एक क्रिया होती है और एक कर्ता होता है, उसे साधारण वाक्य या सरल वाक्य कहते है। इसमें एक उद्देश्य और एक विधेय होते है। जैसे-बिजली चमकती है। 2. मिश्र वाक्य-जिस वाक्य में एक साधारण वाक्य के अतिरिक्त उसके अधीन कोई दूसरा अंगवाक्य हो, उसे मिश्र वाक्य कहते है। दूसरे शब्दों में, जिस वाक्यच में मुख्य उद्देश्य और विधेय के अलावा एक या अधिक समायिका क्रियाएँ हो, उसे मिश्र वाक्य कहते है। जैसे-‘वह कौन-सा मनुष्य है, जिसने महाप्रतापी राजा भोज का नाम न सुना हो।’ 3. संयुक्त वाक्य-जिस वाक्य में साधारण अथवा मिश्र वाक्यों का मेल संयोजक अवयवों द्वारा होता है, उसे संयुक्त वाक्य कहते है। संयुक्त वाक्य उस वाक्य-समूह को कहते है, जिसमें दो या दो से अधिक सरल वाक्य अथवा मिश्र वाक्य अव्ययों द्वारा संयुक्त हो। इस प्रकार के वाक्य लंबे और आपस में उलझे होते है। जैसे-मैं रोटी खाकर लेटा कि पेट में दर्द होने लगा, और दर्द इतना बढ़ा कि तुरन्त डॉ. को बुलाना पड़ा।
B. रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते है। ⇒ सामान्य तौर पर वाक्य सार्थक शब्द का समूह है, जिसमें कर्ता और क्रिया दोनों होते है। वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यत: दो दृष्टियों से होता है- क-रचना या स्वरूप की दृष्टि से ख-अर्थ की दृष्टि से। ⇒ रचना की दृष्टि से वाक्य के तीन प्रकार है- 1. सरल या साधारण वाक्य-जिस वाक्य में एक क्रिया होती है और एक कर्ता होता है, उसे साधारण वाक्य या सरल वाक्य कहते है। इसमें एक उद्देश्य और एक विधेय होते है। जैसे-बिजली चमकती है। 2. मिश्र वाक्य-जिस वाक्य में एक साधारण वाक्य के अतिरिक्त उसके अधीन कोई दूसरा अंगवाक्य हो, उसे मिश्र वाक्य कहते है। दूसरे शब्दों में, जिस वाक्यच में मुख्य उद्देश्य और विधेय के अलावा एक या अधिक समायिका क्रियाएँ हो, उसे मिश्र वाक्य कहते है। जैसे-‘वह कौन-सा मनुष्य है, जिसने महाप्रतापी राजा भोज का नाम न सुना हो।’ 3. संयुक्त वाक्य-जिस वाक्य में साधारण अथवा मिश्र वाक्यों का मेल संयोजक अवयवों द्वारा होता है, उसे संयुक्त वाक्य कहते है। संयुक्त वाक्य उस वाक्य-समूह को कहते है, जिसमें दो या दो से अधिक सरल वाक्य अथवा मिश्र वाक्य अव्ययों द्वारा संयुक्त हो। इस प्रकार के वाक्य लंबे और आपस में उलझे होते है। जैसे-मैं रोटी खाकर लेटा कि पेट में दर्द होने लगा, और दर्द इतना बढ़ा कि तुरन्त डॉ. को बुलाना पड़ा।

Explanations:

रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते है। ⇒ सामान्य तौर पर वाक्य सार्थक शब्द का समूह है, जिसमें कर्ता और क्रिया दोनों होते है। वाक्यों का वर्गीकरण मुख्यत: दो दृष्टियों से होता है- क-रचना या स्वरूप की दृष्टि से ख-अर्थ की दृष्टि से। ⇒ रचना की दृष्टि से वाक्य के तीन प्रकार है- 1. सरल या साधारण वाक्य-जिस वाक्य में एक क्रिया होती है और एक कर्ता होता है, उसे साधारण वाक्य या सरल वाक्य कहते है। इसमें एक उद्देश्य और एक विधेय होते है। जैसे-बिजली चमकती है। 2. मिश्र वाक्य-जिस वाक्य में एक साधारण वाक्य के अतिरिक्त उसके अधीन कोई दूसरा अंगवाक्य हो, उसे मिश्र वाक्य कहते है। दूसरे शब्दों में, जिस वाक्यच में मुख्य उद्देश्य और विधेय के अलावा एक या अधिक समायिका क्रियाएँ हो, उसे मिश्र वाक्य कहते है। जैसे-‘वह कौन-सा मनुष्य है, जिसने महाप्रतापी राजा भोज का नाम न सुना हो।’ 3. संयुक्त वाक्य-जिस वाक्य में साधारण अथवा मिश्र वाक्यों का मेल संयोजक अवयवों द्वारा होता है, उसे संयुक्त वाक्य कहते है। संयुक्त वाक्य उस वाक्य-समूह को कहते है, जिसमें दो या दो से अधिक सरल वाक्य अथवा मिश्र वाक्य अव्ययों द्वारा संयुक्त हो। इस प्रकार के वाक्य लंबे और आपस में उलझे होते है। जैसे-मैं रोटी खाकर लेटा कि पेट में दर्द होने लगा, और दर्द इतना बढ़ा कि तुरन्त डॉ. को बुलाना पड़ा।