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Q: Progressive deformation of a material at a slow rate for applied constant loading is called as :
  • A. fatigue/फटिग
  • B. creep/क्रीप
  • C. plasticity/प्लास्टिसिटी
  • D. resilience/रेसिलिएन्स
Correct Answer: Option B - क्रीप (Creep) – किसी पदार्थ पर काफी समय तक भार या प्रतिबल लगाये रहने पर पदार्थ में धीरे-धीरे लगातार जो स्थायी विरुपण होता है उसे क्रीप कहते हैं। फटिग (Fatigue)– किसी पदार्थ पर बार-बार भार लगाने के कारण पदार्थ की प्रतिरोधकता में कमी को फटिग कहते है। प्रत्यास्कन्दन (Resilience)– किसी भी पिण्ड पर प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर बाह्य भार लगाने पर उसकी स्थिति के कारण संचित विकृति ऊर्जा को प्रत्यास्कन्दन कहते है।
B. क्रीप (Creep) – किसी पदार्थ पर काफी समय तक भार या प्रतिबल लगाये रहने पर पदार्थ में धीरे-धीरे लगातार जो स्थायी विरुपण होता है उसे क्रीप कहते हैं। फटिग (Fatigue)– किसी पदार्थ पर बार-बार भार लगाने के कारण पदार्थ की प्रतिरोधकता में कमी को फटिग कहते है। प्रत्यास्कन्दन (Resilience)– किसी भी पिण्ड पर प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर बाह्य भार लगाने पर उसकी स्थिति के कारण संचित विकृति ऊर्जा को प्रत्यास्कन्दन कहते है।

Explanations:

क्रीप (Creep) – किसी पदार्थ पर काफी समय तक भार या प्रतिबल लगाये रहने पर पदार्थ में धीरे-धीरे लगातार जो स्थायी विरुपण होता है उसे क्रीप कहते हैं। फटिग (Fatigue)– किसी पदार्थ पर बार-बार भार लगाने के कारण पदार्थ की प्रतिरोधकता में कमी को फटिग कहते है। प्रत्यास्कन्दन (Resilience)– किसी भी पिण्ड पर प्रत्यास्थता सीमा के अन्दर बाह्य भार लगाने पर उसकी स्थिति के कारण संचित विकृति ऊर्जा को प्रत्यास्कन्दन कहते है।