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Q: ‘पृथ्वीराज रासो’ किस काल की रचना है?
  • A. आदिकाल
  • B. रीतिकाल
  • C. भक्तिकाल
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - ‘पृथ्वीराज रासो’ आदिकाल की रचना है। इसके रचयिता ‘चन्दबरदाई’ हैं। आदिकाल की अन्य रचनाएँ- बीसलदेवरासो (नरपतिनाल्ह), परमालरासो (जगनिक), विजयपालरासो (नल्हसिंह) दलपति विजय (खुमाण रासो) आदि हैं।
A. ‘पृथ्वीराज रासो’ आदिकाल की रचना है। इसके रचयिता ‘चन्दबरदाई’ हैं। आदिकाल की अन्य रचनाएँ- बीसलदेवरासो (नरपतिनाल्ह), परमालरासो (जगनिक), विजयपालरासो (नल्हसिंह) दलपति विजय (खुमाण रासो) आदि हैं।

Explanations:

‘पृथ्वीराज रासो’ आदिकाल की रचना है। इसके रचयिता ‘चन्दबरदाई’ हैं। आदिकाल की अन्य रचनाएँ- बीसलदेवरासो (नरपतिनाल्ह), परमालरासो (जगनिक), विजयपालरासो (नल्हसिंह) दलपति विजय (खुमाण रासो) आदि हैं।