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Q: Material that does not deform on loading are called as ............
  • A. Brittle material/भंगुर पदार्थ
  • B. Plastic material/प्लास्टिक पदार्थ
  • C. Malleable material/आघातवर्धनीय पदार्थ
  • D. Ductile material/तन्य पदार्थ
Correct Answer: Option A - भंगुर पदार्थ (Brittle material)– वह पदार्थ जो भार लगाने के दौरान विकृत नहीं होता है तथा अत्यधिक भार लगाने पर वह चूर-चूर हो जाता है, भंगुर पदार्थ (Brittle material) कहलाता है। पदार्थ के इस गुण के कारण पदार्थ पर चोट लगाने से वह बिना विकृति उत्पन्न हुए वह कई भागों में अलग हो जाता है। प्लास्टिक पदार्थ (Plastic material)– प्लास्टिक पदार्थ वह होता है, जिस पर बल लगाने से उसके आकार में बिना टूटे स्थायी परिवर्तन होता है। तन्य पदार्थ (Ductile material)– तन्य पदार्थ वह पदार्थ होता है, जिसे बल लगाकर पतले तारों के रूप में खींचा जाता है। इसमें पदार्थ टूटने से पहले प्रतिशत लम्बाई में वृद्धि द्वारा इसकी माप प्रकट करती है।
A. भंगुर पदार्थ (Brittle material)– वह पदार्थ जो भार लगाने के दौरान विकृत नहीं होता है तथा अत्यधिक भार लगाने पर वह चूर-चूर हो जाता है, भंगुर पदार्थ (Brittle material) कहलाता है। पदार्थ के इस गुण के कारण पदार्थ पर चोट लगाने से वह बिना विकृति उत्पन्न हुए वह कई भागों में अलग हो जाता है। प्लास्टिक पदार्थ (Plastic material)– प्लास्टिक पदार्थ वह होता है, जिस पर बल लगाने से उसके आकार में बिना टूटे स्थायी परिवर्तन होता है। तन्य पदार्थ (Ductile material)– तन्य पदार्थ वह पदार्थ होता है, जिसे बल लगाकर पतले तारों के रूप में खींचा जाता है। इसमें पदार्थ टूटने से पहले प्रतिशत लम्बाई में वृद्धि द्वारा इसकी माप प्रकट करती है।

Explanations:

भंगुर पदार्थ (Brittle material)– वह पदार्थ जो भार लगाने के दौरान विकृत नहीं होता है तथा अत्यधिक भार लगाने पर वह चूर-चूर हो जाता है, भंगुर पदार्थ (Brittle material) कहलाता है। पदार्थ के इस गुण के कारण पदार्थ पर चोट लगाने से वह बिना विकृति उत्पन्न हुए वह कई भागों में अलग हो जाता है। प्लास्टिक पदार्थ (Plastic material)– प्लास्टिक पदार्थ वह होता है, जिस पर बल लगाने से उसके आकार में बिना टूटे स्थायी परिवर्तन होता है। तन्य पदार्थ (Ductile material)– तन्य पदार्थ वह पदार्थ होता है, जिसे बल लगाकर पतले तारों के रूप में खींचा जाता है। इसमें पदार्थ टूटने से पहले प्रतिशत लम्बाई में वृद्धि द्वारा इसकी माप प्रकट करती है।