Correct Answer:
Option A - पियाजे के अनुसार, ‘संज्ञानात्मक विकास के संवेदी प्रेरक चरण पर बच्चा ‘वस्तु-स्थायित्व’ को प्रदर्शित करता है। संवेदी प्रेरक चरण केअंतिम अवस्था 18-24 महीने की होती है, जिसमें शिशु प्रत्यक्ष वस्तु के साथ-साथ अप्रत्यक्ष वस्तु के सम्बन्ध में भी विचार करने लगता है।
A. पियाजे के अनुसार, ‘संज्ञानात्मक विकास के संवेदी प्रेरक चरण पर बच्चा ‘वस्तु-स्थायित्व’ को प्रदर्शित करता है। संवेदी प्रेरक चरण केअंतिम अवस्था 18-24 महीने की होती है, जिसमें शिशु प्रत्यक्ष वस्तु के साथ-साथ अप्रत्यक्ष वस्तु के सम्बन्ध में भी विचार करने लगता है।