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Q: निम्नलिखित में से गुणों के किस समूह के कारण चेनें रॉट आयरन/पिटवाँ लोहा (Wrought iron) से बनाई जाती हैं?
  • A. तन्यता, घातवर्घनीयता, कठोरता
  • B. Hardness, चीमड़पन (toughness), ductility
  • C. Malleability, ductility, toughness
  • D. Hardness, touchness, brittleness
Correct Answer: Option C - धातुवर्धनीयता, तन्यता, चीमड़पन यांत्रिक गुणों के कारण पिटवा लोहे की चेने बनायी जाती है। तन्यता– किसी पदार्थ का वह गुण है जिसे तनाव बल की सहायता से उसे तार के रूप में बनाया जा सके, तन्यता कहलाता है। जैसे– सोना, ताँबा इत्यादि। सोना अधिक तन्य पदार्थ है। धातुवर्धनीयता–किसी पदार्थ पर दबाव डालकर या पीटकर बिना टूटे उसके आकार को बदला जा सकता है अर्थात् पतली चादर के रूप में बनाया जा सकता है। इस गुण को धातुवर्धनीयता कहते हैं। जैसे– चाँदी, टिन इत्यादि।
C. धातुवर्धनीयता, तन्यता, चीमड़पन यांत्रिक गुणों के कारण पिटवा लोहे की चेने बनायी जाती है। तन्यता– किसी पदार्थ का वह गुण है जिसे तनाव बल की सहायता से उसे तार के रूप में बनाया जा सके, तन्यता कहलाता है। जैसे– सोना, ताँबा इत्यादि। सोना अधिक तन्य पदार्थ है। धातुवर्धनीयता–किसी पदार्थ पर दबाव डालकर या पीटकर बिना टूटे उसके आकार को बदला जा सकता है अर्थात् पतली चादर के रूप में बनाया जा सकता है। इस गुण को धातुवर्धनीयता कहते हैं। जैसे– चाँदी, टिन इत्यादि।

Explanations:

धातुवर्धनीयता, तन्यता, चीमड़पन यांत्रिक गुणों के कारण पिटवा लोहे की चेने बनायी जाती है। तन्यता– किसी पदार्थ का वह गुण है जिसे तनाव बल की सहायता से उसे तार के रूप में बनाया जा सके, तन्यता कहलाता है। जैसे– सोना, ताँबा इत्यादि। सोना अधिक तन्य पदार्थ है। धातुवर्धनीयता–किसी पदार्थ पर दबाव डालकर या पीटकर बिना टूटे उसके आकार को बदला जा सकता है अर्थात् पतली चादर के रूप में बनाया जा सकता है। इस गुण को धातुवर्धनीयता कहते हैं। जैसे– चाँदी, टिन इत्यादि।