Correct Answer:
Option A - शेरशाह का प्रारंभिक नाम फरीद खां था। इसका जन्म 1472 ई. में होशियारपुर में हुआ था। इसके पिता हसन खां जौनपुर के छोटे जमींदार थे। 1539 ई. में चौसा का एवं 1540 ई. में कन्नौज का युद्ध जीतने के बाद शेर खां 1540 ई. में दिल्ली की गद्दी पर बैठा। अपने राज्याभिषेक के समय शेर खां ने शेरशाह की उपाधि धारण की। शेरशाह ने 1541 ई. में पाटलिपुत्र को पटना के नाम से पुन: स्थापित किया तथा इसे बिहार की राजधानी बनाया।
A. शेरशाह का प्रारंभिक नाम फरीद खां था। इसका जन्म 1472 ई. में होशियारपुर में हुआ था। इसके पिता हसन खां जौनपुर के छोटे जमींदार थे। 1539 ई. में चौसा का एवं 1540 ई. में कन्नौज का युद्ध जीतने के बाद शेर खां 1540 ई. में दिल्ली की गद्दी पर बैठा। अपने राज्याभिषेक के समय शेर खां ने शेरशाह की उपाधि धारण की। शेरशाह ने 1541 ई. में पाटलिपुत्र को पटना के नाम से पुन: स्थापित किया तथा इसे बिहार की राजधानी बनाया।