Explanations:
दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक ‘पॉवर्टी एण्ड अनब्रिटिश रूल इन इण्डिया’ में पहली बार ‘गरीबी रेखा’ का मापन न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति से लगाया था। भारत में सबसे पहले ‘राष्ट्रीय आय’ की गणना इन्हीं के द्वारा 1867 में की गयी थी, जिसमें उनके द्वारा प्रति व्यक्ति आय को 20 रु. बताया गया था।