Correct Answer:
Option A - पशुओं की ज्यादातर प्रजातियाँ आवास विखण्डन के कारण विलुप्त हो रही है। प्रकृति में विभिन्न जातियों के जीवों का मरना एवं उनके स्थान पर अन्य नवीन जातियों का उद्भव एक सतत् प्रक्रिया है। विगत शताब्दी में पारिस्थितिकी तंत्र पर मानवीय प्रभाव ने जीवों के विलोपन की दर को बढ़ाया है। वर्तमान में प्रतिवर्ष सौ से लेकर हजार तक विविध जीवों की जातियाँ एवं उपजातियाँ विलुप्त हो रही है।
A. पशुओं की ज्यादातर प्रजातियाँ आवास विखण्डन के कारण विलुप्त हो रही है। प्रकृति में विभिन्न जातियों के जीवों का मरना एवं उनके स्थान पर अन्य नवीन जातियों का उद्भव एक सतत् प्रक्रिया है। विगत शताब्दी में पारिस्थितिकी तंत्र पर मानवीय प्रभाव ने जीवों के विलोपन की दर को बढ़ाया है। वर्तमान में प्रतिवर्ष सौ से लेकर हजार तक विविध जीवों की जातियाँ एवं उपजातियाँ विलुप्त हो रही है।