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Q: The process of stones which includes excavating, wedging, heating and blasting is called: पत्थरों की प्रक्रिया जिसमें उत्खनन, पच्चड़, गर्म करना और विस्फोटन शामिल है ________________ कहलाती है।
  • A. dressing/गढ़ाई
  • B. quarying/उत्खनन
  • C. seasoning/संशोषण
  • D. placing/बिछाना
Correct Answer: Option B - उत्खनन (Quarrying) - जिस स्थान से पत्थर निकाला जाता है, उसे पत्थर की खदान (Quarry) कहते है और पत्थरों को खुदाई, पच्चड़, गर्म करके तथा विस्फोटन द्वारा खदानों से निकालने की प्रक्रिया को पत्थरों का उत्खनन कहते है। पत्थरों की गढ़ाई (Dressing of Stones) - जिस समय पत्थर खदान से निकाले जाते है, वे टेढ़े-मेढ़े, अनियमित व बेडोल होते है। उनके आकार व माप भी भिन्न-भिन्न होते है। अत: पत्थर के बेतरतीब, ऊबड़-खाबड़ और अनावश्यक हिस्सों को झाड़ व काट-छाँट कर अलग कर दिया जाता है। इसे पत्थर की गढ़ाई कहते है। संशोषण (Seasoning) - पत्थर के भीतर विद्यमान नमी (सैप) को सुखाने को पत्थर का उपचार या संशोषण कहते है।
B. उत्खनन (Quarrying) - जिस स्थान से पत्थर निकाला जाता है, उसे पत्थर की खदान (Quarry) कहते है और पत्थरों को खुदाई, पच्चड़, गर्म करके तथा विस्फोटन द्वारा खदानों से निकालने की प्रक्रिया को पत्थरों का उत्खनन कहते है। पत्थरों की गढ़ाई (Dressing of Stones) - जिस समय पत्थर खदान से निकाले जाते है, वे टेढ़े-मेढ़े, अनियमित व बेडोल होते है। उनके आकार व माप भी भिन्न-भिन्न होते है। अत: पत्थर के बेतरतीब, ऊबड़-खाबड़ और अनावश्यक हिस्सों को झाड़ व काट-छाँट कर अलग कर दिया जाता है। इसे पत्थर की गढ़ाई कहते है। संशोषण (Seasoning) - पत्थर के भीतर विद्यमान नमी (सैप) को सुखाने को पत्थर का उपचार या संशोषण कहते है।

Explanations:

उत्खनन (Quarrying) - जिस स्थान से पत्थर निकाला जाता है, उसे पत्थर की खदान (Quarry) कहते है और पत्थरों को खुदाई, पच्चड़, गर्म करके तथा विस्फोटन द्वारा खदानों से निकालने की प्रक्रिया को पत्थरों का उत्खनन कहते है। पत्थरों की गढ़ाई (Dressing of Stones) - जिस समय पत्थर खदान से निकाले जाते है, वे टेढ़े-मेढ़े, अनियमित व बेडोल होते है। उनके आकार व माप भी भिन्न-भिन्न होते है। अत: पत्थर के बेतरतीब, ऊबड़-खाबड़ और अनावश्यक हिस्सों को झाड़ व काट-छाँट कर अलग कर दिया जाता है। इसे पत्थर की गढ़ाई कहते है। संशोषण (Seasoning) - पत्थर के भीतर विद्यमान नमी (सैप) को सुखाने को पत्थर का उपचार या संशोषण कहते है।