search
Q: प्राय: बच्चे/बच्चियाँ विद्यालय में स्वयं को अभिव्यक्त करने में संकोच करते हैं, क्योंकि -
  • A. वे भाषा नहीं जानते
  • B. उन्हें अभिव्यक्ति का ज्ञान नहीं है
  • C. वे जिस भाषा में सहज अभिव्यक्ति कर सकते हैं वह प्राय: विद्यालयों में स्वीकृत नहीं होती
  • D. शिक्षक/शिक्षिका व बाकी साथी उनका मजाक उड़ाते हैं
Correct Answer: Option C - बच्चे/बच्चियाँ प्राय: विद्यालय में स्वयं को अभिव्यक्त करने में संकोच करते हैं, क्योंकि वे जिस भाषा में सहज अभिव्यक्ति कर सकते हैं, वह प्राय: विद्यालयों में स्वीकृत नहीं होती है। विद्यालय में मानक भाषा का प्रयोग होता है जबकि घर तथा समाज में बच्चे क्षेत्रीय भाषा/बोली का सामान्यत: प्रयोग करते हैं।
C. बच्चे/बच्चियाँ प्राय: विद्यालय में स्वयं को अभिव्यक्त करने में संकोच करते हैं, क्योंकि वे जिस भाषा में सहज अभिव्यक्ति कर सकते हैं, वह प्राय: विद्यालयों में स्वीकृत नहीं होती है। विद्यालय में मानक भाषा का प्रयोग होता है जबकि घर तथा समाज में बच्चे क्षेत्रीय भाषा/बोली का सामान्यत: प्रयोग करते हैं।

Explanations:

बच्चे/बच्चियाँ प्राय: विद्यालय में स्वयं को अभिव्यक्त करने में संकोच करते हैं, क्योंकि वे जिस भाषा में सहज अभिव्यक्ति कर सकते हैं, वह प्राय: विद्यालयों में स्वीकृत नहीं होती है। विद्यालय में मानक भाषा का प्रयोग होता है जबकि घर तथा समाज में बच्चे क्षेत्रीय भाषा/बोली का सामान्यत: प्रयोग करते हैं।