Correct Answer:
Option D - ‘पारावारीण:’ इत्यत्र ख प्रत्यय:।
पारावारं गत: (पारंगत) इस अर्थ में पारावार शब्द से ‘अवारपाराद्विगृहीतादपि विपरीताच्येति वक्तव्यम्’ से ख प्रत्यय ‘आयनेयीनीयिय:’ इत्यादि सूत्र से ख को ईन् आदेश, अन्त्य आ का लोप, णत्व, प्रातिपदिक संज्ञा तथा स्वादिकार्य होकर ‘पारावारीण:’ रूप बनता है।
D. ‘पारावारीण:’ इत्यत्र ख प्रत्यय:।
पारावारं गत: (पारंगत) इस अर्थ में पारावार शब्द से ‘अवारपाराद्विगृहीतादपि विपरीताच्येति वक्तव्यम्’ से ख प्रत्यय ‘आयनेयीनीयिय:’ इत्यादि सूत्र से ख को ईन् आदेश, अन्त्य आ का लोप, णत्व, प्रातिपदिक संज्ञा तथा स्वादिकार्य होकर ‘पारावारीण:’ रूप बनता है।