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Q: ‘नयनम्’ में प्रयुक्त प्रकृति
  • A. नम् + ल्युट्
  • B. नी + ल्युट्
  • C. ने + ल्युट्
  • D. नयन + ल्युट्
Correct Answer: Option B - ‘नयनम्’ में ल्युट् प्रत्यय है। नी धातु से ल्युट् प्रत्यय हुआ, ल्युट् में अन शेष बचता है क्योंकि ट् की ‘हलन्त्यम्’ सूत्र से इत्संज्ञा तथा ‘ल’ की ‘लशक्वतद्धिते’ सूत्र से इत्संज्ञा होकर दोनों का ‘तस्य लोप:’ सूत्र से लोप होकर ‘यु’ बचा अब ‘युवोरनाकौ’ सूत्र से यु को अन होकर नी + अन हुआ। सार्वधातुकार्धधातुकयो: सूत्र से गुण होकर ने + अन हुआ तथा ‘एचोऽयवायाव:’ सूत्र से अय् होकर न + अय् + अन = नयन बना अब अनुबन्धलोप अतोऽम् तथा अभिपूर्व: सूत्र लगाकार नयनम् बना।
B. ‘नयनम्’ में ल्युट् प्रत्यय है। नी धातु से ल्युट् प्रत्यय हुआ, ल्युट् में अन शेष बचता है क्योंकि ट् की ‘हलन्त्यम्’ सूत्र से इत्संज्ञा तथा ‘ल’ की ‘लशक्वतद्धिते’ सूत्र से इत्संज्ञा होकर दोनों का ‘तस्य लोप:’ सूत्र से लोप होकर ‘यु’ बचा अब ‘युवोरनाकौ’ सूत्र से यु को अन होकर नी + अन हुआ। सार्वधातुकार्धधातुकयो: सूत्र से गुण होकर ने + अन हुआ तथा ‘एचोऽयवायाव:’ सूत्र से अय् होकर न + अय् + अन = नयन बना अब अनुबन्धलोप अतोऽम् तथा अभिपूर्व: सूत्र लगाकार नयनम् बना।

Explanations:

‘नयनम्’ में ल्युट् प्रत्यय है। नी धातु से ल्युट् प्रत्यय हुआ, ल्युट् में अन शेष बचता है क्योंकि ट् की ‘हलन्त्यम्’ सूत्र से इत्संज्ञा तथा ‘ल’ की ‘लशक्वतद्धिते’ सूत्र से इत्संज्ञा होकर दोनों का ‘तस्य लोप:’ सूत्र से लोप होकर ‘यु’ बचा अब ‘युवोरनाकौ’ सूत्र से यु को अन होकर नी + अन हुआ। सार्वधातुकार्धधातुकयो: सूत्र से गुण होकर ने + अन हुआ तथा ‘एचोऽयवायाव:’ सूत्र से अय् होकर न + अय् + अन = नयन बना अब अनुबन्धलोप अतोऽम् तथा अभिपूर्व: सूत्र लगाकार नयनम् बना।