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Q: प्राथमिक स्तर पर समतुल्य भिन्नों की अवधारणा को प्रस्तुत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी विधि सर्वाधिक उपयुक्त है?
  • A. वृत्ताकार कट-आउट और आयताकार पट्टियों का उपयोग करना।
  • B. भिन्नों के गुणन की कलनविधि का उपयोग करना।
  • C. भिन्नों के विभाजन/भाग की कलनविधि का उपयोग करना।
  • D. लघुत्तम समापवत्र्य की अवधारणा का उपयोग करना।
Correct Answer: Option A - प्राथमिक स्तर पर समतुल्य भिन्नों की अवधारणा को प्रस्तुत करने के लिए ‘वृत्ताकार कट-आउट और आयताकार पट्टियों का उपयोग करना’ सर्वाधिक उपयुक्त विधि है और साथ ही साथ पेपर मोड़ने की गतिविधियाँ करना भी सबसे उपयुक्त रणनीति है। भिन्नों की अवधारणा को केवल एक तरीके से या केवल एक स्थिति के अनुसार पढ़ाने से छात्रों में वैचारिक समझ विकसित नहीं हो सकती है अर्थात् भिन्न को पढ़ाने के लिए अनेक विधियों का प्रयोग कर सकते हैं।
A. प्राथमिक स्तर पर समतुल्य भिन्नों की अवधारणा को प्रस्तुत करने के लिए ‘वृत्ताकार कट-आउट और आयताकार पट्टियों का उपयोग करना’ सर्वाधिक उपयुक्त विधि है और साथ ही साथ पेपर मोड़ने की गतिविधियाँ करना भी सबसे उपयुक्त रणनीति है। भिन्नों की अवधारणा को केवल एक तरीके से या केवल एक स्थिति के अनुसार पढ़ाने से छात्रों में वैचारिक समझ विकसित नहीं हो सकती है अर्थात् भिन्न को पढ़ाने के लिए अनेक विधियों का प्रयोग कर सकते हैं।

Explanations:

प्राथमिक स्तर पर समतुल्य भिन्नों की अवधारणा को प्रस्तुत करने के लिए ‘वृत्ताकार कट-आउट और आयताकार पट्टियों का उपयोग करना’ सर्वाधिक उपयुक्त विधि है और साथ ही साथ पेपर मोड़ने की गतिविधियाँ करना भी सबसे उपयुक्त रणनीति है। भिन्नों की अवधारणा को केवल एक तरीके से या केवल एक स्थिति के अनुसार पढ़ाने से छात्रों में वैचारिक समझ विकसित नहीं हो सकती है अर्थात् भिन्न को पढ़ाने के लिए अनेक विधियों का प्रयोग कर सकते हैं।